भारत
2 घंटे पहले
5
विचारों
ओडिशा में चुनावी तैयारियों को लेकर एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य निर्वाचन विभाग ने अंतिम मतदाता सूची का आधिकारिक प्रकाशन कर दिया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर संथगोपालन ने जानकारी देते हुए बताया कि 21 सितंबर 2026 को यह प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न कर ली गई है। राज्य में अब पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या 3,16,32,754 तक पहुंच गई है। पिछली सूची की तुलना में मतदाताओं की संख्या में 2,45,720 की वृद्धि दर्ज की गई है, क्योंकि पिछली सूची में यह आंकड़ा 3,13,87,034 था।
इस नई अंतिम सूची के अनुसार, राज्य में पुरुष मतदाताओं की कुल संख्या 1,61,30,319 है, वहीं महिला मतदाताओं की संख्या 1,54,99,661 है। इसके साथ ही, अन्य लिंग श्रेणी के मतदाताओं की संख्या 2,774 दर्ज की गई है।
सत्यापन और छंटनी की विस्तृत प्रक्रिया
मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाने के लिए चुनाव आयोग ने 5 जुलाई 2026 से 17 सितंबर 2026 के बीच विशेष सत्यापन अभियान चलाया था। इस दौरान विवरणों की बारीकी से जांच की गई। इस प्रक्रिया में कुल 58,36,392 मतदाताओं को नोटिस भेजे गए थे ताकि उनके विवरणों को सत्यापित किया जा सके। सत्यापन के दौरान 24,070 मतदाता अपात्र पाए गए और उन्हें सूची से हटा दिया गया।
प्रशासन ने विवरणों में विसंगतियां मिलने पर कुल 45,37,613 नोटिस जारी किए थे। दावों और आपत्तियों के निस्तारण तथा अपात्र लोगों को बाहर करने की पूरी कवायद के बाद, ड्राफ्ट सूची से कुल 44,777 नाम हटा दिए गए हैं। इन सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद ही वर्तमान अंतिम मतदाता सूची तैयार की गई है।
मतदान केंद्रों का विवरण और अपीलीय अधिकार
राज्यभर में मतदान को सुगम बनाने के लिए कुल 45,250 मतदान केंद्र तय किए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर संथगोपालन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अपना नाम और अन्य जानकारी मतदाता सूची में अवश्य देख लें। यह सूची ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध है, जिससे मतदाता घर बैठे अपने विवरणों की पुष्टि कर सकते हैं।
यदि किसी मतदाता को सूची के संबंध में कोई आपत्ति है, तो जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24(ए) के तहत अपील करने का प्रावधान है। ऐसे नागरिक जिलाधिकारी या चुनाव न्यायाधिकरण के समक्ष निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, सर्विस वोटरों के लिए भी अलग से सूची प्रकाशित की गई है, जिसे वे संबंधित मतदान केंद्रों या ऑनलाइन माध्यम से देख सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन का पूरा कार्य तय समयसीमा के भीतर निष्पादित किया गया है, ताकि चुनाव के दौरान किसी भी मतदाता को परेशानी न हो।
Comments
0 comment