उत्तराखंड
5 घंटे पहले
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विचारों
नैनीताल में महोत्सव की धूम और पर्यटन को मिला सहारा
उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल में इन दिनों उत्साह का माहौल बना हुआ है। शहर में 124वां नंदा देवी महोत्सव मनाया जा रहा है, जिसने पर्यटन के नजरिए से सुस्त चल रहे इस समय में भी शहर में रौनक लौटा दी है। आमतौर पर ऑफ सीजन के दौरान नैनीताल में पर्यटकों की संख्या कम हो जाती है, लेकिन धार्मिक उत्सव और मेले के आयोजन ने तस्वीर पूरी तरह से बदल दी है। शहर की मॉल रोड से लेकर बाजारों और नैनी झील के किनारों तक सैलानियों की भारी भीड़ देखी जा रही है।
प्रकृति और आस्था का अनूठा संगम
नैनीताल पहुंचने वाले पर्यटक न केवल यहां की वादियों और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले रहे हैं, बल्कि नंदा देवी महोत्सव के आयोजनों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। मां नयना देवी मंदिर में दर्शन करने वालों की कतारें लगी हैं, वहीं झील में नौकायन का आनंद लेने के लिए भी सैलानियों की खासी भीड़ उमड़ रही है। मेले में लगाई गई दुकानें और मनोरंजन के लिए लगे झूलों ने पर्यटकों को और भी अधिक आकर्षित किया है। यह आयोजन अब शहर के पर्यटन व्यवसाय की जान बन चुका है।
पर्यटकों के लिए सुहावना मौसम
मेले में आए पर्यटकों का कहना है कि नैनीताल का मौसम इस समय बेहद खुशनुमा है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से आए पर्यटक मोहित ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे नैनीताल घूमने आए थे और यहां आकर नंदा देवी महोत्सव की जानकारी मिली। उन्होंने कहा कि मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए नैनीताल से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती। पहाड़ों की ठंडी हवाएं, हरियाली और महोत्सव की रौनक ने उनकी यात्रा को यादगार बना दिया है। हालांकि, महोत्सव के कारण भीड़ जरूर बढ़ी है, लेकिन इसका आनंद भी अलग ही है।
कारोबारियों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
लंबे समय से मंदी की मार झेल रहे स्थानीय व्यापारियों के लिए यह महोत्सव राहत की बड़ी खबर बनकर आया है। स्थानीय दुकानदार परवेज बताते हैं कि ऑफ सीजन के कारण पिछले काफी समय से काम बहुत धीमा था और उम्मीद कम थी, लेकिन नंदा देवी मेले के कारण पिछले कुछ दिनों से बिक्री में अच्छी खासी तेजी देखने को मिली है। उनके अनुसार, जैसे-जैसे ठंड की शुरुआत हो रही है, मौसम का मिजाज बदल रहा है और लोग पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं। मेले ने व्यापारियों को एक नई उम्मीद दी है और काम में सुधार आया है।
मुश्किल हालातों के बाद वापसी
नैनी झील में नाव चलाने वाले वीरेंद्र पवार का कहना है कि नंदा देवी महोत्सव के आयोजन से नाव चालकों का काम भी पटरी पर लौट आया है। उन्होंने बताया कि बीते दिनों हुई भारी बारिश और पहाड़ी रास्तों पर हुए भूस्खलन की वजह से पर्यटकों की आवाजाही लगभग थम सी गई थी। खराब मौसम के डर से सैलानी नैनीताल आने से कतरा रहे थे, जिससे पूरा पर्यटन चक्र प्रभावित हुआ था। हालांकि, अब हालात सामान्य हो रहे हैं और पर्यटक दोबारा बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। उनके शब्दों में, नंदा देवी का यह मेला पर्यटन कारोबार के लिए एक मिल का पत्थर साबित हो रहा है, जिसने मौसम की मार को पीछे छोड़ दिया है और पर्यटकों के साथ रोजगार की बहार लेकर आया है।
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