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एक घंटा पहले
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बॉलीवुड गलियारे से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर अभिनेत्री रानी मुखर्जी की मां और पूर्व प्लेबैक सिंगर कृष्णा मुखर्जी का निधन हो गया है। उन्होंने 75 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। परिवार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, कृष्णा मुखर्जी ने मंगलवार दोपहर को आखिरी सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है और तमाम फिल्मी हस्तियों ने इस दुखद घड़ी में अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
शोक में डूबा मुखर्जी परिवार, लोगों से की निजता बनाए रखने की अपील
कृष्णा मुखर्जी के परिवार ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस दुखद घटना की पुष्टि की है। परिवार ने इस मुश्किल समय में लोगों और मीडिया से उनकी निजता का सम्मान करने का अनुरोध किया है। बयान में उन्होंने कहा कि यह पूरे परिवार के लिए अत्यंत कठिन और पीड़ादायक समय है। इसके साथ ही, दुख की इस घड़ी में कृष्णा मुखर्जी के प्रति संवेदनाएं जताने, प्रार्थना करने और निरंतर समर्थन देने के लिए परिवार ने सभी प्रशंसकों और शुभचिंतकों का तहे दिल से आभार व्यक्त किया है।
रानी मुखर्जी हमेशा से अपनी मां के बेहद करीब रही हैं और उन्होंने कई मौकों पर अपनी मां के साथ अपने अनमोल रिश्ते के बारे में खुलकर बात की है। रानी के लिए उनकी मां केवल परिवार का हिस्सा नहीं थीं, बल्कि उनके पूरे जीवन और अभिनय के सफर में एक अहम मार्गदर्शक और सबसे बड़ी प्रेरणा भी थीं।
'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' में मां के किरदार की झलक
अभिनेत्री रानी मुखर्जी के अभिनय सफर में उनकी मां के प्रभाव का सबसे बड़ा उदाहरण हालिया फिल्मों में देखने को मिला। साल 2023 में रिलीज हुई रानी मुखर्जी की बेहद चर्चित फिल्म 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' में उनके दमदार अभिनय की काफी प्रशंसा हुई थी। इस फिल्म में रानी ने एक ऐसी बंगाली मां का किरदार निभाया था, जो अपने बच्चों को वापस पाने के लिए विदेशी व्यवस्था से अकेले ही भिड़ जाती है। इस बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण भूमिका को पर्दे पर जीवंत करने में रानी को अपनी मां कृष्णा मुखर्जी से सबसे बड़ी प्रेरणा मिली थी।
फिल्म के प्रचार के दौरान रानी ने बताया था कि हालांकि उन्होंने इस भूमिका को निभाने के लिए वास्तविक मामले से जुड़ी तमाम जानकारियों और संदर्भों को अच्छी तरह समझा था, लेकिन वह इस किरदार में एक व्यक्तिगत और आत्मीय व्याख्या को भी शामिल करना चाहती थीं। इसी वजह से उन्होंने इस भूमिका की मुख्य प्रेरणा अपनी मां से ली।
'मेरी मां बंगाली संस्कृति की सबसे मजबूत मिसाल हैं'
रानी मुखर्जी ने अपनी मां को याद करते हुए बताया था कि कृष्णा मुखर्जी उनके जीवन में बंगाली संस्कृति की सबसे मजबूत और जीवंत तस्वीर थीं। अपने बच्चों को अपने हाथों से निवाला खिलाना, उनके माथे पर सुरक्षा का टीका लगाना जैसी छोटी-छोटी बंगाली परंपराएं और मां की ममतामयी आदतें ही थीं, जिन्होंने रानी को पर्दे पर एक मां के संघर्ष और उसकी संवेदनाओं को गहराई से समझने में मदद की।
एक्ट्रेस ने कहा था कि उन्होंने इस भूमिका के लिए अपनी मां से ताकत और प्रेरणा ली थी। रानी के अनुसार, कृष्णा मुखर्जी उन सबसे ज्यादा बंगाली लोगों में से एक थीं जिन्हें वह अपने जीवन में जानती थीं। यही वजह थी कि 'मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे' में एक मां की भावनाओं, उसके आंसुओं और उसके संघर्ष को पर्दे पर उतारने के लिए उन्हें अपने निजी अनुभवों से बहुत बड़ी मदद मिली।
संगीत और सिनेमा की दुनिया से था गहरा नाता
कृष्णा मुखर्जी की खुद की पहचान केवल रानी मुखर्जी की मां होने तक सीमित नहीं थी। वह खुद भी एक पूर्व प्लेबैक सिंगर थीं और उन्होंने संगीत के क्षेत्र में काफी काम किया था। यही कारण था कि रानी मुखर्जी का बचपन घर में कला, संगीत और सिनेमा के माहौल के बीच बीता। कृष्णा मुखर्जी का विवाह जाने-माने फिल्म निर्माता राम मुखर्जी से हुआ था। राम मुखर्जी हिंदी फिल्म जगत के एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व थे और वह प्रसिद्ध फिल्मालय स्टूडियोज के सह-संस्थापकों में शामिल थे। साल 2017 में राम मुखर्जी का निधन हो गया था।
मां से मिले संस्कारों को हमेशा याद करती रहीं रानी
रानी मुखर्जी ने अपने शानदार करियर में एक से बढ़कर एक अलग-अलग तरह के किरदार निभाए हैं, लेकिन उनकी व्यक्तिगत जिंदगी और सफलता में मां की भूमिका हमेशा सर्वोच्च रही। कृष्णा मुखर्जी ने अपनी बेटी के अभिनय सफर को बेहद करीब से देखा और उन्हें अपने जीवन के अनुभवों से लगातार प्रेरित किया। रानी के विभिन्न बयानों से यह भी स्पष्ट रहा है कि मां से मिले पारिवारिक मूल्य और संस्कार ही उनके व्यक्तित्व का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। अब कृष्णा मुखर्जी के चले जाने के बाद मुखर्जी परिवार और उनके करीबियों के लिए यह समय बेहद भावुक और खालीपन से भरा है।
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