उपनाम: सरगुजा
धान की खेती: कल्ले फूटने के दौरान इन बातों का रखें खास ख्याल, फसल की पैदावार में होगा इजाफा
सितंबर का महीना धान की फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दौरान पौधों में कल्ले विकसित होते हैं। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को बेहतर उत्पादन के लिए पोटाश और संतुलित खाद के सही इस्तेमाल की सलाह दी है।
पीएम मोदी के टैलेंट सर्च अभियान पर बोले अंबिकापुर के कोच- अब बस्ती के बच्चे भी लाएंगे देश के लिए मेडल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशभर में शुरू किए जा रहे टैलेंट सर्च अभियान का अंबिकापुर के कोच ने स्वागत किया है। उनका मानना है कि इस पहल से स्लम और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को आगे बढ़ने का बड़ा अवसर मिलेगा।
बरसात में जंगलों से चुनकर लाते हैं ये खास पत्ता, चावल के माड़ के साथ बनती है लाजवाब सब्जी
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में ग्रामीण बरसात के दौरान जंगलों से कोचई पत्ते लाते हैं और उसे सुखाकर चावल के माड़ के साथ एक खास पारंपरिक डिश तैयार करते हैं। यह तरीका उन्हें बाजार पर निर्भर रहने से बचाता है और स्वाद में भी लाजवाब है।
सरगुजा: मेझरी की पारंपरिक खेती का जलवा बरकरार, कम खर्च में मिलता है बंपर मुनाफा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल में किसान आज भी अपनी पुरानी विरासत मेझरी की खेती को संजोए हुए हैं, जो कम मेहनत और न्यूनतम लागत में अच्छी पैदावार देती है।
राजघराने की खेती: सरगुजा के विंधेश्वर शरण सिंहदेव ने जैविक पद्धति से बदला कृषि का स्वरूप
सरगुजा राजपरिवार के सदस्य विंधेश्वर शरण सिंहदेव ने अपनी 40 एकड़ जमीन पर जैविक खेती का सफल मॉडल पेश किया है, जिससे अब जीराफूल चावल की मांग दिल्ली जैसे बड़े शहरों तक बढ़ गई है।
गाय और भैंस के दूध में क्या है फर्क, एक्सपर्ट ने पाचन, फैट और उपयोगिता को लेकर दी पूरी जानकारी
पशुपालन के जानकारों के अनुसार गाय और भैंस का दूध अपने गुणों में काफी अलग होते हैं, जहाँ गाय का दूध हल्का और सुपाच्य माना जाता है, वहीं भैंस के दूध का उपयोग फैट की अधिकता के कारण दुग्ध उत्पादों के लिए बेहतर होता है।
छत्तीसगढ़: सरगुजा में आज भी कायम है पारंपरिक तरीके से माठा बनाने की अनूठी परंपरा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में आधुनिक युग में भी लोग 10 से 20 साल पुरानी पद्धति से लकड़ी की मथनी का उपयोग करके शुद्ध देसी माठा और घी तैयार कर रहे हैं।
सरगुजा का पारंपरिक करील अचार: देसी मसालों और शुद्ध सरसों के तेल का अद्भुत संगम
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पुराने तरीके से तैयार किया जाने वाला करील का अचार अपने अनूठे स्वाद और शुद्धता के लिए मशहूर है। इस अचार में किसी भी तरह के केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता है, जिससे इसका देसी जायका आज भी बरकरार है।
स्मार्ट मीटर का भारी झटका: छत्तीसगढ़ में बिजली बिल में तीन से चार गुना उछाल, लोगों में आक्रोश
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्मार्ट मीटर लगने के बाद आम लोगों के बिजली बिल में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिससे मध्यम और गरीब परिवारों का बजट बिगड़ गया है। उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर हटाने की मांग करते हुए प्रशासन पर जबरन मीटर लगाने के आरोप लगाए हैं।
ग्राउंड रिपोर्ट: सरगुजा के कोरवा गांव की बदली तस्वीर, जहां मरीजों को खाट पर ढोना था मजबूरी, वहां अब पहुंची विकास की राह
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के दुर्गम पहाड़ी कोरवा बहुल क्षेत्र रजखेता जाम पहाड़ में अब बुनियादी सुविधाएं पहुंच गई हैं। कभी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने वाले ग्रामीणों को अब गांव में ही स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधा मिल रही है।
रिश्तेदार के खेत से मिली प्रेरणा, अब सरगुजा के किसान ने देसी मीठे पान की खेती से बदली अपनी किस्मत
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के एक किसान ने अपने शौक को मुनाफे वाली खेती में बदल दिया है। बिना किसी खास कीटनाशक या अतिरिक्त खर्च के, महज छह महीने में उनके द्वारा लगाई गई मीठे पान की फसल अब लहलहा रही है।
सरगुजा का अनोखा चमत्कार: क्या वाकई बढ़ रही है हनुमान जी की प्रतिमा, जानिए लमगांव मंदिर का रहस्य
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में स्थित लमगांव हनुमान मंदिर अपनी एक अनोखी विशेषता के लिए चर्चा में है, जहां भक्तों का मानना है कि बजरंगबली की प्रतिमा का आकार समय के साथ लगातार बढ़ रहा है।
बिना बिजली टॉर्च की रोशनी में की पढ़ाई, मजदूर की बेटी बिमला मांझी ने पहले ही प्रयास में NEET पास कर रचा इतिहास
छत्तीसगढ़ के सरगुजा की रहने वाली बिमला मांझी ने अपनी घोर आर्थिक तंगहाली और बुनियादी सुविधाओं की कमी को पीछे छोड़ते हुए पहले ही प्रयास में NEET परीक्षा क्वालिफाई कर ली है। टॉर्च की रोशनी में रात-रात भर पढ़ाई करने वाली बिमला अब डॉक्टर बनकर अपने गांव और समाज...
सड़क किनारे स्टॉल लगाकर सजावटी कला को दे रहीं नई पहचान, सरगुजा की इन दो बहनों का जज्बा है मिसाल
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में दो बहनों, मृगाक्षी और मृणाली ने आर्थिक मजबूरी के बजाय अपने शौक को करियर में बदलने के लिए लियानबी नाम से एक स्टार्टअप शुरू किया है। वे सड़क किनारे स्टॉल लगाकर मोजेक और लिप्पन आर्ट जैसी कलाकृतियां बेच रही हैं और अन्य युवाओं को प्रेरि...
खेती की नई राह: 120 दिन में तैयार होने वाली रागी से बढ़ रही है किसानों की कमाई, जानें पूरा गणित
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में किसान रागी यानी मड़िया की पारंपरिक खेती की ओर फिर से रुख कर रहे हैं। कम लागत और बेहतर बाजार भाव के कारण यह फसल किसानों के लिए एक मुनाफे का जरिया बनती जा रही है।