पीएनबी की 666 दिनों वाली एफडी स्कीम में निवेश का मौका, जानें किसे कितना मिलेगा ब्याज मेरा पैसा एक घंटा पहले 4
पंजाब नेशनल बैंक अपनी विशेष 666 दिनों की फिक्स्ड डिपॉजिट योजना पर आकर्षक ब्याज दरें दे रहा है। बैंक आम नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग-अलग ब्याज दरें प्रदान कर रहा है।

पंजाब नेशनल बैंक में एफडी के विकल्प

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ग्राहकों की संख्या के हिसाब से भारतीय स्टेट बैंक के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक है। यह बैंक अपने ग्राहकों को फिक्स्ड डिपॉजिट यानी एफडी पर बेहतरीन रिटर्न के मौके दे रहा है। वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक एफडी खातों पर 3.00 प्रतिशत से लेकर अधिकतम 7.40 प्रतिशत तक का सालाना ब्याज दे रहा है। अगर आप भी निवेश की योजना बना रहे हैं, तो बैंक की 666 दिनों वाली विशेष एफडी स्कीम एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।

निवेश की अवधि और सीमा

पंजाब नेशनल बैंक में एफडी खाता खोलने के लिए न्यूनतम अवधि 7 दिन तय की गई है। वहीं, अगर कोई ग्राहक लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहता है, तो वह अधिकतम 10 साल तक की अवधि चुन सकता है। बैंक की विशेष 666 दिनों वाली स्कीम इस समय चर्चा में है, जिस पर बैंक 6.50 प्रतिशत से लेकर 7.30 प्रतिशत तक का ब्याज दे रहा है।

666 दिनों की एफडी पर ब्याज दरें

पंजाब नेशनल बैंक द्वारा दी जा रही 666 दिनों की एफडी स्कीम पर मिलने वाला ब्याज ग्राहक की उम्र के आधार पर तय होता है। यह ब्याज दरें 3 करोड़ रुपये से कम की राशि के जमा पर प्रभावी हैं:

  • आम नागरिक: 59 साल तक की आयु के सामान्य ग्राहकों को इस अवधि पर 6.50 प्रतिशत का ब्याज मिलता है।
  • सीनियर सिटीजन: 60 साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को इस स्कीम पर 7.00 प्रतिशत ब्याज का लाभ दिया जा रहा है।
  • सुपर सीनियर सिटीजन: 80 साल या इससे अधिक आयु के अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक ने 7.30 प्रतिशत ब्याज दर निर्धारित की है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष लाभ

पंजाब नेशनल बैंक अपने वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.50 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देता है। इसके अतिरिक्त, अति वरिष्ठ नागरिकों को वरिष्ठ नागरिकों की दर से भी 0.30 प्रतिशत ज्यादा ब्याज प्राप्त होता है। बैंक की तरफ से जानकारी दी गई है कि इन ब्याज दरों में आखिरी बार बदलाव 1 जून, 2026 को किया गया था।

रेपो रेट और एफडी दर का संबंध

किसी भी बैंक की एफडी पर मिलने वाली ब्याज दरें मुख्य रूप से भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा निर्धारित रेपो रेट पर टिकी होती हैं। भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति हर दो महीने में बैठक करती है। इस बैठक में देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई और अन्य महत्वपूर्ण कारकों को ध्यान में रखते हुए रेपो रेट में फेरबदल किया जाता है, जिसका सीधा असर आम लोगों की एफडी पर मिलने वाले रिटर्न पर पड़ता है।

पूजा जैन पाबना की फाइनेंस लेखिका हैं, जो पर्सनल फाइनेंस और ऑनलाइन बिजनेस पर लिखती हैं। डिजिटल कमाई, बचत और स्मार्ट खर्च के व्यावहारिक तरीकों पर उनकी रिपोर्ट्स केंद्रित रहती हैं। वे आम लोगों के लिए पैसों की उलझनों को सरल बनाती हैं।

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