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4 घंटे पहले
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विचारों
तलाक के बिना शादी का बंधन
शादी को दुनिया भर की संस्कृतियों में एक पवित्र और अटूट बंधन के रूप में देखा जाता है। हालांकि, आधुनिक समाज में जब पति और पत्नी के बीच रिश्ते असहनीय हो जाते हैं, तो अधिकांश देशों में कानून उन्हें तलाक के जरिए अलग होने और एक नई शुरुआत करने का अधिकार देता है। क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया में ऐसी भी जगहें हैं जहां तलाक का कोई प्रावधान ही नहीं है? यह सुनकर आपको हैरानी हो सकती है, लेकिन दुनिया में फिलीपींस और वैटिकन सिटी ऐसे दो प्रमुख नाम हैं जहां आम तरीके से तलाक लेना संभव नहीं है। यहां विवाह विच्छेद का अर्थ बाकी दुनिया से बिल्कुल अलग है।
फिलीपींस में क्या है कानून
फिलीपींस में सामान्य तौर पर तलाक का कोई कानूनी ढांचा मौजूद नहीं है, जैसा कि हमें अन्य देशों में देखने को मिलता है। हालांकि, इसका अर्थ यह कतई नहीं है कि यहां दंपती अलग नहीं हो सकते या फिर उन्हें जबरदस्ती एक साथ रहना ही पड़ता है। फिलीपींस के फैमिली कोड के अंतर्गत रिश्तों को खत्म करने या उनसे दूरी बनाने के तीन मुख्य कानूनी रास्ते अपनाए गए हैं। इनमें कानूनी अलगाव यानी लीगल सेपरेशन, विवाह का अनुलमेंट और शादी को शुरू से ही अमान्य यानी डिक्लेरेशन ऑफ नल्टी घोषित करना शामिल है।
लीगल सेपरेशन और अनुलमेंट की प्रक्रिया
फिलीपींस की कानूनी व्यवस्था में लीगल सेपरेशन के तहत अदालत पति-पत्नी को एक-दूसरे से अलग रहने की अनुमति दे देती है, लेकिन इसके बावजूद उनकी शादी का कानूनी बंधन खत्म नहीं होता है। वे कागजों पर अभी भी पति और पत्नी ही बने रहते हैं। इस प्रक्रिया का मुख्य नुकसान यह है कि अलग रहने के बावजूद वे कानूनी रूप से किसी और से दूसरी शादी नहीं कर सकते। कानून के मुताबिक शारीरिक हिंसा, बेवफाई या परित्याग जैसे गंभीर आधारों पर कोर्ट अलगाव की मंजूरी देता है। वहीं, अनुलमेंट की प्रक्रिया पूरी तरह से अलग है। इसमें कोर्ट यह जांचता है कि विवाह के समय शादी की शर्तें पूरी हुई थीं या नहीं। यदि यह साबित हो जाता है कि विवाह शुरू से ही कानूनी रूप से वैध नहीं था, तो उसे समाप्त घोषित कर दिया जाता है। इस तरह जोड़े अपनी वैवाहिक जिम्मेदारियों से तो मुक्त हो जाते हैं, लेकिन यह तलाक की तरह सीधा रास्ता नहीं है।
विदेशी तलाक और मुस्लिम पर्सनल लॉ
फिलीपींस के कानून में एक महत्वपूर्ण बारीकी आर्टिकल 26(2) है। इसके अनुसार, यदि पति-पत्नी में से एक विदेशी नागरिक है और उसने विदेश में तलाक हासिल कर लिया है, तो फिलीपींस सरकार उस तलाक को मान्यता दे सकती है। इस स्थिति में फिलिपिनो नागरिक को दोबारा शादी करने की कानूनी क्षमता मिल जाती है। इसके अलावा, फिलीपींस के मुस्लिम समुदाय के लिए स्थिति बिल्कुल अलग है। वहां मुस्लिम पर्सनल लॉ का अपना एक अलग कोड है, जो विशेष रूप से मुस्लिम जोड़ों पर लागू होता है। इसके तहत खुला और फस्ख जैसे प्रावधानों के माध्यम से कानूनी रूप से तलाक लेना संभव है।
वैटिकन सिटी और कैथोलिक चर्च का रुख
वैटिकन सिटी की स्थिति फिलीपींस से पूरी तरह भिन्न है, क्योंकि यहां पूरी व्यवस्था कैथोलिक चर्च के कैनन लॉ पर टिकी है। ईसाई धर्म की मान्यताओं के अनुसार, विवाह का बंधन एकता और अविभाज्यता का प्रतीक है। इनका मानना है कि एक बार जब शादी संपन्न हो जाती है और उसे धार्मिक मान्यता मिल जाती है, तो कोई भी मानवीय शक्ति उसे तोड़ नहीं सकती। वैटिकन में तलाक का कोई प्रावधान नहीं है और वहां विवाह का अंत केवल मृत्यु के बाद ही माना जाता है।
वैटिकन में अलग होने के सीमित रास्ते
वैटिकन में तलाक नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि यहां के लोग कठिन परिस्थितियों में एक साथ रहने के लिए मजबूर हैं। यदि शादी पूरी तरह संपन्न नहीं हुई है, तो उचित कारणों के आधार पर पोप उसे भंग कर सकते हैं, जिसका उल्लेख कैनन 1142 में मिलता है। इसके अलावा, यहां भी अनुलमेंट की प्रक्रिया का पालन किया जाता है। यदि यह सिद्ध हो जाए कि शादी चर्च के नियमों के अनुसार वैध नहीं थी, तो उसे अस्तित्वहीन घोषित किया जा सकता है। साथ ही, कैनन लॉ में अलगाव का विकल्प भी मौजूद है, जिसके तहत पति-पत्नी अलग रह सकते हैं, हालांकि वे कानूनी रूप से विवाहित बने रहते हैं।
तथ्यों की सच्चाई क्या है
यह कहना पूरी तरह से गलत होगा कि फिलीपींस और वैटिकन सिटी में रिश्ता टूटने पर कोई समाधान नहीं है। इन दोनों जगहों पर शादी खत्म करने की प्रक्रिया बाकी दुनिया की तुलना में बेहद जटिल, महंगी और लंबी है। यही मुख्य कारण है कि इन देशों को तलाक-रहित देशों की श्रेणी में रखा जाता है। वास्तव में, यहाँ तलाक के स्थान पर कानूनी अलगाव, अमान्य विवाह की घोषणा और धार्मिक नियमों के अधीन अलग होने के रास्ते अपनाए जाते हैं। यह प्रणाली सीधे और आसान तलाक के मुकाबले काफी अलग और सीमित है।
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