श्रीगंगानगर में गर्मी का कहर: पारा 41.4 डिग्री सेल्सियस के पार, मानसून की बेरुखी से बिगड़ा हाल राजस्थान एक घंटा पहले 7
राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में बारिश न होने के कारण भीषण गर्मी और उमस का प्रकोप जारी है। तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने से बिजली की मांग में भारी उछाल आया है और लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

झुलसाने वाली गर्मी की चपेट में श्रीगंगानगर

राजस्थान का अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा श्रीगंगानगर जिला इन दिनों भीषण गर्मी और उमस की दोहरी मार झेल रहा है। मानसून की बेरुखी और बारिश के न होने से क्षेत्र में मौसम के तेवर बेहद सख्त बने हुए हैं। आम जनजीवन इस कदर प्रभावित है कि लोगों का घरों से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को जिले में अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह आंकड़ा न केवल जिले के लिए चिंताजनक है, बल्कि यह पूरे राजस्थान में सबसे ज्यादा तापमान के रूप में रिकॉर्ड किया गया है। सितंबर के महीने में जब आम तौर पर मौसम में थोड़ी नरमी की उम्मीद रहती है, तब इस तरह की झुलसाने वाली गर्मी ने आम लोगों को सकते में डाल दिया है।

दिन के साथ रातों में भी नहीं मिल रही राहत

श्रीगंगानगर में गर्मी का प्रकोप केवल दिन तक ही सीमित नहीं है, बल्कि रात का समय भी राहत नहीं दे रहा है। न्यूनतम तापमान यानी रात का पारा लगातार 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। दिन भर की तपिश और सूरज की तेज किरणों के बाद रात में भी गर्मी और भारी उमस के कारण लोग पसीने से तरबतर हो रहे हैं। पंखे और कूलर जैसे उपकरण भी इस भीषण उमस के आगे बेअसर साबित हो रहे हैं। इस असहनीय मौसम की वजह से बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ गई है। नींद पूरी न हो पाने के कारण लोग काफी परेशान हैं और उन्हें थोड़ी सी ठंडक और राहत का इंतजार है।

बिजली की खपत में भारी इजाफा

गर्मी बढ़ने के सीधा असर बिजली की मांग पर पड़ा है। घरों और दफ्तरों में एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल चौबीसों घंटे किए जाने के कारण बिजली की खपत में अप्रत्याशित रूप से बढ़ोतरी हुई है। अत्यधिक लोड के कारण बिजली तंत्र पर काफी दबाव बढ़ गया है, जिससे कई इलाकों में ट्रांसफार्मर और पावर ग्रिड पर अतिरिक्त भार देखा जा रहा है। कई क्षेत्रों से बिजली की आवाजाही यानी कटौती और वोल्टेज कम रहने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं, जिसने आम जनता की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। लोग गर्मी से बचने के लिए लगातार बिजली उपकरणों का सहारा ले रहे हैं, जिसका नतीजा बिजली विभाग के सिस्टम पर अतिरिक्त बोझ के रूप में सामने आ रहा है।

क्या आगे भी बनी रहेगी गर्मी?

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में मानसून की सक्रियता फिलहाल काफी कमजोर है। श्रीगंगानगर और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में बारिश की कोई ठोस संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है। जानकारों के मुताबिक, जब तक कोई नया मौसमी सिस्टम या पश्चिमी विक्षोभ राज्य में सक्रिय नहीं होता, तब तक लोगों को इस उमस भरी गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं। मौसम विभाग ने भी आने वाले कुछ दिनों के लिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने आम जनता से कहा है कि वे धूप में निकलने से बचें, खुद को हाइड्रेटेड रखें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि इस भीषण तापमान से स्वास्थ्य पर बुरा असर न पड़े। फिलहाल सीमावर्ती जिले के वासी बारिश के एक झोंके का इंतजार कर रहे हैं ताकि इस तपिश से उन्हें कुछ निजात मिल सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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