यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति मुर्मू की शुभकामनाओं का जेलेंस्की ने किया स्वागत, शांति स्थापना पर दिया जोर विश्व 2 घंटे पहले 7
यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा भेजे गए बधाई संदेश का राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने आभार व्यक्त किया है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन के नागरिक इस युद्ध का एक सम्मानजनक अंत चाहते हैं और इस लक्ष्य को पाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का सहयोग आवश्यक है।

शांति की राह पर वैश्विक एकजुटता की अपील

यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ओर से प्राप्त बधाई संदेश के बाद, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपना रुख स्पष्ट किया है। जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से राष्ट्रपति मुर्मू का धन्यवाद करते हुए कहा कि शांति की कामना करना एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे लंबे संघर्ष का एक गरिमापूर्ण और सम्मानजनक अंत होना ही लाखों यूक्रेनियों का सबसे बड़ा सपना है। जेलेंस्की के अनुसार, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी दुनिया को मिलकर एक शांतिपूर्ण रास्ता तैयार करने की दिशा में प्रयास करने होंगे।

भारत के साथ कूटनीतिक संबंधों को मजबूती

जेलेंस्की ने भारत के साथ यूक्रेन के संबंधों को लेकर काफी सकारात्मकता दिखाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूक्रेन भारत के साथ आपसी हितों पर टिकी बातचीत को भविष्य में और अधिक मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि जेलेंस्की का यह बयान भारत और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने और उन्हें और अधिक प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा संकेत है।

स्वतंत्रता के 35 वर्ष और जारी संघर्ष

यूक्रेन अपनी आजादी की 35वीं वर्षगांठ ऐसे समय में मना रहा है जब देश भीषण युद्ध के साये में है। फरवरी 2022 से शुरू हुआ यह संघर्ष अभी भी जारी है। स्वतंत्रता दिवस के आधिकारिक कार्यक्रमों में कई यूरोपीय नेताओं ने भी शिरकत की। इस दौरान यूक्रेन ने अपने नए लॉन्ग-रेंज मिसाइल प्रोग्राम के विकास को भी रेखांकित किया। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो यूक्रेन ने सोवियत संघ से अलग होकर एक स्वतंत्र राष्ट्र बनने का सफर तय किया था। यूक्रेन के कानून निर्माताओं ने 24 अगस्त, 1991 को देश की स्वतंत्रता की घोषणा के पक्ष में मतदान किया था, जिसे बाद में उसी वर्ष हुए एक देशव्यापी जनमत संग्रह में भारी जनसमर्थन मिला था।

युद्ध के बीच अटूट संकल्प

अपने संबोधन में राष्ट्रपति जेलेंस्की ने देश की जनता, सेना और सहयोगी देशों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद यूक्रेनी नागरिकों के एकजुट प्रयासों की सराहना की। जेलेंस्की ने रूस पर शांति न चाहने का आरोप लगाते हुए कहा कि यूक्रेन अपनी संप्रभुता और अपनी जमीन के मामले में किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने यह दोहराया कि यूक्रेन का लक्ष्य युद्ध का ऐसा समाधान है जो देश के मान-सम्मान की रक्षा करते हुए स्थायी शांति सुनिश्चित करे।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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