बलोच आवाज दबाने की पाकिस्तानी साजिश? मीर यार बलोच के दोनों एक्स अकाउंट सस्पेंड, अब ट्रुथ सोशल का लिया सहारा पाकिस्तान 3 घंटे पहले 8
बलूच कार्यकर्ताओं की डिजिटल आवाज को बंद करने के आरोपों के बीच 'रिपब्लिक ऑफ बलोचिस्तान' के वैश्विक प्रतिनिधि मीर यार बलोच के मुख्य और बैकअप दोनों एक्स अकाउंट निलंबित कर दिए गए हैं, जिसके बाद उन्होंने समर्थकों से ट्रुथ सोशल पर जुड़ने का आग्रह किया है।

बलूचिस्तान के हक और हुकूक की आवाज उठाने वाले कार्यकर्ताओं के खिलाफ पाकिस्तान का दमनचक्र अब डिजिटल दुनिया में भी तेज हो गया है। बलूच समुदाय की आवाज को दबाने की कोशिशों के तहत 'रिपब्लिक ऑफ बलोचिस्तान' संगठन के वैश्विक प्रतिनिधि मीर यार बलोच के खिलाफ बड़ी सोशल मीडिया सेंसरशिप की कार्रवाई सामने आई है। लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उनका मुख्य अकाउंट सस्पेंड होने के बाद, अब उनके बैकअप हैंडल को भी ब्लॉक कर दिया गया है। बलूच एक्टिविस्ट्स का आरोप है कि पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसियों से जुड़े साइबर सेल ने उनके खिलाफ साजिश रची है। इस बड़ी रुकावट के बाद, मीर यार बलोच ने हार मानने के बजाय अपने समर्थकों से अमेरिकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एकजुट होने की अपील की है ताकि बलूच हितों के लिए संघर्ष जारी रखा जा सके।

पहले मुख्य एक्स अकाउंट बंद हुआ, फिर बैकअप पर भी चली सेंसरशिप की कैंची

सोशल मीडिया पर बलूचिस्तान के दमन की दास्तां बयां करने वाले मीर यार बलोच के डिजिटल संचार माध्यमों को लेकर विवाद अब काफी गहरा गया है। 'रिपब्लिक ऑफ बलोचिस्तान' संगठन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एक्स पर उनका मुख्य और बेहद लोकप्रिय अकाउंट @miryar_baloch पहले ही निलंबित कर दिया गया था। संगठन ने बताया कि इस मुख्य अकाउंट को 25 अगस्त 2026 की रात को ब्लॉक किया गया था। इस अप्रत्याशित कार्रवाई के बाद, मीर यार बलोच ने अपने समर्थकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जुड़े रहने के लिए अपने बैकअप एक्स हैंडल @miryarbaloch_ का सहारा लिया और इसके जरिए संदेश जारी किए।

लेकिन बलूच आवाज को दबाने की यह साजिश यहीं नहीं रुकी। महज कुछ ही घंटों के भीतर, यानी 26 अगस्त 2026 को उनका यह बैकअप अकाउंट भी पूरी तरह से सस्पेंड कर दिया गया। एक्स जैसे बड़े वैश्विक मंच पर एक के बाद एक दो अकाउंट्स पर हुई इस सख्त कार्रवाई के पीछे के वास्तविक कारणों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही एक्स प्रबंधन ने इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। इस दोहरी सेंसरशिप के बाद, मीर यार बलोच ने न्यूज़18 से विशेष बातचीत की और अपने समर्थकों से ट्रुथ सोशल पर मौजूद उनके नए अकाउंट @miryar_baloch के जरिए जुड़ने की पुरजोर अपील की है ताकि बलूच अधिकारों की आवाज बिना किसी रुकावट के दुनिया तक पहुंचती रहे।

दो वर्षों की कड़ी मेहनत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाई गई आवाज

'रिपब्लिक ऑफ बलोचिस्तान' संगठन के अनुसार, मीर यार बलोच पिछले दो वर्षों से लगातार डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके बलूचिस्तान के गंभीर मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाते आ रहे हैं। पाकिस्तानी सेंसरशिप के कारण बलूचिस्तान की जमीनी हकीकत मुख्यधारा के मीडिया में जगह नहीं पा पाती है, ऐसे में सोशल मीडिया ही बलूच कार्यकर्ताओं के लिए अपनी बात रखने का एकमात्र सशक्त जरिया बचा था।

संगठन का आरोप है कि मीर यार बलोच की इसी बढ़ती सक्रियता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके बढ़ते प्रभाव से पाकिस्तानी हुक्मरान और सेना घबराए हुए थे। संगठन ने गंभीर दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना से सीधे जुड़े ऑनलाइन दुष्प्रचार नेटवर्क और पाकिस्तान समर्थित विभिन्न साइबर समूहों ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत मीर यार बलोच के एक्स अकाउंट्स को निशाना बनाया। इन समूहों द्वारा बड़े पैमाने पर समन्वित और सामूहिक रिपोर्टिंग की गई, जिसके परिणामस्वरूप स्वचालित प्रणाली के तहत एक्स ने उनके दोनों अकाउंट्स को निलंबित कर दिया।

एक्स का विकल्प बना ट्रुथ सोशल, बलूच आंदोलनकारियों का नया डिजिटल ठिकाना

एक्स पर लगातार दो अकाउंट्स के सस्पेंड होने के बाद बलूच आंदोलन के संचार तंत्र को भारी झटका लगा है, लेकिन बलूच कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी आवाज को खामोश नहीं होने देंगे। डिजिटल संचार की कड़ी को जोड़े रखने के लिए मीर यार बलोच ने अब वैकल्पिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का रुख किया है। उन्होंने अपने सभी समर्थकों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और वैश्विक मंचों पर उनका साथ देने वाले लोगों से ट्रुथ सोशल पर उनके हैंडल @miryar_baloch से तुरंत जुड़ने की अपील की है।

संगठन का मानना है कि एक्स पर उनके अकाउंट बंद होने से बलूचिस्तान से जुड़े उनके वैश्विक अभियानों की रफ्तार धीमी नहीं होगी। ट्रुथ सोशल अब उनके समर्थकों के लिए नया संपर्क सूत्र बनकर उभर रहा है। संगठन ने भरोसा जताया है कि वे इस नए प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए पाकिस्तान के अत्याचारों की कहानी अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने लगातार लाते रहेंगे और दुनिया का ध्यान बलूचिस्तान में हो रहे मानवाधिकारों के हनन की ओर आकर्षित करते रहेंगे।

पाकिस्तानी सेना, ISI और DG ISPR के खिलाफ गंभीर आरोपों की बौछार

इस पूरे घटनाक्रम के बीच, 'रिपब्लिक ऑफ बलोचिस्तान' ने पाकिस्तानी सत्ता और सेना के शीर्ष अंगों पर बेहद गंभीर और संगीन आरोप लगाए हैं। संगठन ने विशेष रूप से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI, पाकिस्तानी सेना और उसके मीडिया विंग DG ISPR से जुड़े ऑनलाइन नेटवर्क को इस सेंसरशिप के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया है। संगठन का दावा है कि बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया से पूरी तरह गायब करने के लिए पाकिस्तानी राज्य प्रायोजित हैकर्स और साइबर समूहों द्वारा एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।

इसके अलावा, संगठन ने बलूचिस्तान की जमीनी परिस्थितियों का हवाला देते हुए आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना और DG ISPR वहां के निर्दोष नागरिकों की हत्याओं और सैन्य बमबारी के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। संगठन ने यह चौंकाने वाला दावा भी किया है कि वर्तमान में लगभग 50 हजार बलूच लोगों को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और खुफिया एजेंसियों द्वारा जबरन बंधक बनाकर या गायब करके रखा गया है। साथ ही, बलूचिस्तान के समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों का पाकिस्तान द्वारा बेरहमी से दोहन किया जा रहा है, जिससे स्थानीय आबादी को उनके अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है।

संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ समेत वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान को घेरने की रणनीति

बलूच संगठन का कहना है कि वे बलूचिस्तान की आजादी और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान के खिलाफ अपनी कूटनीतिक लड़ाई को और तेज कर रहे हैं। संगठन के अनुसार, बलूचिस्तान के मुद्दों को संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, OIC, अफ्रीकी संघ और आसियान देशों के प्रतिनिधियों के समक्ष पुरजोर तरीके से उठाया जा रहा है।

उनका दावा है कि पाकिस्तान की सरकारी संस्थाएं और सेना इस अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक अभियान से बुरी तरह घबरा गई हैं। वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान की छवि खराब होने और बेनकाब होने के डर से वे मीर यार बलोच जैसे प्रभावशाली प्रतिनिधियों की ऑनलाइन और डिजिटल उपस्थिति को समाप्त करना चाहते हैं। बलूच प्रतिनिधियों का मानना है कि सोशल मीडिया अकाउंट्स पर यह प्रतिबंध इसी घबराहट का सीधा नतीजा है।

प्रतिबंधों के तोड़ के रूप में खुद का टीवी चैनल शुरू करेगा संगठन

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बार-बार होने वाली सेंसरशिप और अकाउंट्स के निलंबन की समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए 'रिपब्लिक ऑफ बलोचिस्तान' ने अब एक क्रांतिकारी कदम उठाने का संकेत दिया है। संगठन ने घोषणा की है कि वे जल्द ही अपना खुद का एक स्वतंत्र और व्यापक मीडिया नेटवर्क स्थापित करने जा रहे हैं, जिसके अंतर्गत बलोचिस्तान नेशनल टेलीविजन चैनल की शुरुआत की जाएगी।

संगठन का दावा है कि इस नए और स्वतंत्र टेलीविजन चैनल के माध्यम से बलूचिस्तान से जुड़ी सभी खबरों, राजनीतिक विश्लेषणों और स्थानीय लोगों की समस्याओं को बिना किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की पाबंदियों या सेंसरशिप के सीधे तौर पर दुनिया के सामने रखा जा सकेगा। इस बड़े कदम से बलूच आंदोलन को एक नया और स्वतंत्र मंच मिलने की उम्मीद है, जहां पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा का मुकाबला मजबूती से किया जा सकेगा। फिलहाल, मीर यार बलोच की ओर से समर्थकों को ट्रुथ सोशल पर सक्रिय रहने और उनके साथ संवाद बनाए रखने का आह्वान किया गया है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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