राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
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सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख
असम के मशहूर गायक जुबिन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य आरोपी श्यामकानु महंत को बड़ी राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि आरोपी को जमानत देने से उसके देश छोड़कर भागने और जांच को प्रभावित करने का गंभीर खतरा बना हुआ है। अदालत ने इस मामले में असम सरकार को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब इस याचिका पर अगली सुनवाई जुलाई के अंतिम सप्ताह में की जाएगी।
याचिकाकर्ता की दलील और अदालत का नजरिया
सुनवाई के दौरान आरोपी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे ने पक्ष रखा। उन्होंने तर्क दिया कि जुबिन गर्ग की मौत डूबने के कारण हुई थी और उनका मुवक्किल कहीं नहीं भागेगा क्योंकि उसके पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं और उसका पासपोर्ट भी पहले से ही जमा है। हालांकि, इससे पूर्व गुवाहाटी हाई कोर्ट ने भी सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका और आरोपी के रसूख को आधार बनाते हुए जमानत देने से मना कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इसी दिशा में चिंता जताते हुए फिलहाल राहत देने से इनकार किया है।
कौन है आरोपी श्यामकानु महंत?
श्यामकानु महंत का नाम असम के रसूखदार परिवारों में गिना जाता है और वह कई प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़ा रहा है। उसके बारे में कुछ प्रमुख जानकारियां इस प्रकार हैं:
- श्यामकानु महंत असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत का छोटा भाई है।
- उसके दूसरे बड़े भाई ननी गोपाल महंत हैं, जो असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के शिक्षा सलाहकार और गुवाहाटी विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके हैं।
- श्यामकानु खुद एक उद्यमी है और उसे नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल के मुख्य आयोजक के रूप में जाना जाता है।
जुबिन गर्ग की मौत सितंबर 2025 में सिंगापुर में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी, जिसके बाद से ही श्यामकानु महंत को इस मामले में मुख्य आरोपी बनाया गया था। मामले की संवेदनशीलता और आरोपी के रसूख को देखते हुए अब राज्य सरकार के जवाब पर सबकी नजरें टिकी हैं।
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