किसानों के लिए खुशखबरी: खेत में बोरवेल के लिए सरकार दे रही है 40 हजार रुपये की आर्थिक मदद मध्य प्रदेश 2 घंटे पहले 2
मध्य प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के किसानों के लिए राज्य सरकार नलकूप योजना चला रही है, जिसके तहत सिंचाई सुविधा के लिए 40 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है।

सिंचाई के लिए सरकार से मिलेगी आर्थिक मदद

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के किसानों को कृषि के लिए सशक्त बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने नलकूप योजना शुरू की है। इस योजना का मुख्य मकसद उन किसानों की मदद करना है, जो अपने खेतों में सिंचाई के बेहतर साधन विकसित करना चाहते हैं। सरकार इस काम के लिए प्रति किसान 40,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है।

किस तरह से मिलेगी 40 हजार रुपये की राशि

कृषि विभाग के उप-संचालक मुनेश कुमार शाक्य के अनुसार, यह सहायता राशि दो अलग-अलग चरणों में किसानों को दी जाती है। पूरी प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • बोरवेल खुदाई: नलकूप उत्खनन या बोरिंग का कार्य करवाने पर किसान को अधिकतम 25,000 रुपये की सब्सिडी दी जाती है।
  • मोटर पंप स्थापना: यदि बोरिंग सफल होती है और खेत में पानी निकल आता है, तो मोटर पंप लगाने के लिए अतिरिक्त 15,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है।

पैसे सीधे बैंक खाते में

योजना के तहत मिलने वाली पूरी राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है। इससे प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहती है और किसानों को किसी बिचौलिए के चक्कर नहीं काटने पड़ते हैं।

इन नियमों का पालन करना अनिवार्य

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कुछ जरूरी शर्तों का ध्यान रखना होगा:

  • नलकूप की खुदाई केवल सरकार द्वारा पंजीकृत एजेंसी या वेंडर के माध्यम से ही करवाई जानी चाहिए।
  • कार्य संपन्न होने के बाद वेंडर से जीएसटी युक्त बिल प्राप्त करना जरूरी है।
  • आवेदन के लिए किसान को अपना जाति प्रमाण पत्र, भूमि संबंधी कागजात, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की फोटोकॉपी एसडीओ कार्यालय के माध्यम से कृषि विभाग में जमा करनी होगी।

कृषि विभाग का मानना है कि इस योजना से SC-ST वर्ग के किसानों को सिंचाई की समस्या से छुटकारा मिलेगा और उनकी कृषि उत्पादकता में बढ़ोतरी होगी, जिससे उनकी आय में भी सुधार आएगा।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!