NEET री-एग्जाम: अंडरगारमेंट्स में मोबाइल छिपाकर ले गई छात्रा, तीसरी बार में पकड़ा गया गलत दांव करियर 2 महीने पहले 59
जयपुर के एक परीक्षा केंद्र पर NEET UG 2026 री-एग्जाम के दौरान एक 22 वर्षीय छात्रा को मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया है। छात्रा ने नकल करने के लिए फोन को अपने अंडरगारमेंट्स में छिपा रखा था और प्रश्नपत्र की तस्वीरें भी खींची थीं।

परीक्षा केंद्र पर पकड़ी गई नकलची छात्रा

मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 के दौरान जयपुर में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। परीक्षा में उत्तीर्ण होने के लिए एक छात्रा ने नकल का जो रास्ता अपनाया, उसने उसे सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। 22 वर्षीय छात्रा परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन लेकर घुस गई थी और उसने प्रश्नपत्र की तस्वीरें तक ले ली थीं।

बिहाड़िया स्कूल में हुई घटना

यह मामला जयपुर स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बिहाड़िया का है। परीक्षा समाप्त होने में जब केवल 15 मिनट का समय शेष था, तभी एक छात्रा वॉशरूम के बाहर मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए पकड़ी गई। केंद्र पर तैनात अधिकारियों ने तुरंत मामले की गंभीरता को समझते हुए पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद छात्रा को हिरासत में ले लिया गया।

तीसरी बार दे रही थी NEET की परीक्षा

पुलिस जांच में छात्रा की पहचान हिमांशी तिवारी के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान पता चला कि वह तीसरी बार मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल हो रही थी। बार-बार प्रयास करने के बावजूद सफलता न मिलने पर उसने इस बार शॉर्टकट का सहारा लेने की सोची।

कैसे छिपाया था फोन?

आरोपी छात्रा ने बेहद चालाकी से मोबाइल को अपने अंडरगारमेंट्स के अंदर छिपा रखा था और ऊपर से ढीली-ढाली टी-शर्ट पहनी थी ताकि किसी को शक न हो। प्रवेश के दौरान जब सुरक्षा जांच में मशीन से बीप की आवाज आई, तो उसने कपड़ों में लगे हुक या धातु के हिस्सों का हवाला देकर सुरक्षा कर्मियों को गुमराह कर दिया।

क्या थी पूरी योजना?

पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि छात्रा ने परीक्षा हॉल के अंदर प्रश्नपत्र के 5 से 6 फोटो खींचे थे। उसकी योजना इन तस्वीरों को बाहर भेजकर इंटरनेट या ऑनलाइन माध्यमों से उत्तर हासिल करने की थी। समय रहते पकड़े जाने के कारण वह अपनी इस योजना को अंजाम नहीं दे सकी। फिलहाल उसके फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या उसके पीछे किसी गिरोह का हाथ है।

कानूनी कार्रवाई और भविष्य पर संकट

पुलिस ने छात्रा के खिलाफ पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 के तहत केस दर्ज किया है। यह एक गैर-जमानती अपराध है। अदालत में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था और सख्ती पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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