बलिया की बेटी ट्विंकल गुप्ता ने रचा इतिहास, भारतेंदु नाट्य अकादमी में हुआ चयन उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
दो बार की असफलता के बाद हार न मानते हुए बलिया की ट्विंकल गुप्ता ने लखनऊ की प्रतिष्ठित भारतेंदु नाट्य अकादमी में अपनी जगह बनाई है। उनके साथ शुभम सिंह का भी चयन हुआ है, जो अभिनय की दुनिया में जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।

कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प की कहानी

बलिया की युवा कलाकार ट्विंकल गुप्ता ने अपनी प्रतिभा के दम पर प्रदेश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतेंदु नाट्य अकादमी, लखनऊ में प्रवेश पाकर जिले का मान बढ़ाया है। यह उपलब्धि उनके लिए आसान नहीं थी, क्योंकि उन्होंने लगातार दो बार असफलता का सामना किया था। अपनी तीसरी कोशिश में उन्होंने यह सफलता हासिल की है। इस अकादमी में प्रवेश प्रक्रिया अत्यंत कठिन है और अखिल भारतीय स्तर पर केवल 20 सीट ही उपलब्ध थीं, जिनमें से दो सीटों पर बलिया के संकल्प संस्था से जुड़े युवाओं, ट्विंकल गुप्ता और शुभम सिंह ने अपना स्थान पक्का किया है।

दुखों के पहाड़ के बीच दी परीक्षा

ट्विंकल के लिए यह परीक्षा भावनात्मक रूप से बेहद चुनौतीपूर्ण रही। जिस दिन उन्हें परीक्षा देनी थी, उसी दिन उन्हें सूचना मिली कि उनकी दादी का निधन हो गया है। ट्विंकल का अपनी दादी के साथ गहरा लगाव था और उनके जाने से वह पूरी तरह टूट चुकी थीं। दोस्तों के आग्रह पर उन्होंने खुद को संभाला और परीक्षा में शामिल हुईं। उनके अनुरोध पर परीक्षा आयोजकों ने उनकी स्थिति को समझते हुए उनकी परीक्षा समय से पहले ही संपन्न करवा दी थी।

रंगमंच में लंबा अनुभव और संघर्ष

ट्विंकल का सफर वर्ष 2015 में रंगमंच से जुड़ने के साथ शुरू हुआ। उन्होंने सतीश चंद्र कॉलेज, बलिया से हिंदी विषय में MA की पढ़ाई पूरी की है। उनके गुरु और संकल्प संस्था के निदेशक आशीष त्रिवेदी ने उनकी प्रतिभा को पहचान कर उन्हें निखारा है। ट्विंकल की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद उनके गुरु ने उन्हें बिना किसी शुल्क के प्रशिक्षण दिया।

  • नेशनल स्कॉलरशिप: भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय से 2 लाख रुपये की छात्रवृत्ति मिल चुकी है।
  • विशेष अनुभव: ट्विंकल ने वाराणसी में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के केंद्र से इंडियन क्लासिकल थिएटर में एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स भी किया है।
  • प्रशिक्षण: वे अब तक दर्जनों नाटकों में अभिनय और निर्देशन की भूमिका निभा चुकी हैं।

गुरु की नजर में ट्विंकल की प्रतिभा

ट्विंकल के गुरु आशीष त्रिवेदी बताते हैं कि जब ट्विंकल इंटरमीडिएट में थी, तब वह उनके पास आई थीं। डांस से शुरुआत करने के बाद उनका झुकाव अभिनय की तरफ बढ़ा। 'आषाढ़ का एक दिन' नाटक में उनकी शानदार भूमिका ने सभी को प्रभावित किया था। आज अपनी मेहनत और निरंतर अभ्यास के कारण वह इस मुकाम तक पहुंची हैं, जो बलिया के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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