उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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पारंपरिक खेती से हटकर हाईटेक की ओर बढ़ते कदम
मथुरा में उद्यान विभाग ने किसानों की आय को कई गुना बढ़ाने के लिए एक नई पहल की है। अगरयाला स्थित उद्यान विभाग की हाईटेक नर्सरी अब किसानों के लिए मददगार साबित हो रही है। यहाँ न केवल उच्च गुणवत्ता वाले हाइब्रिड पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं, बल्कि किसानों को नई तकनीक का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है ताकि वे अपनी परंपरागत खेती के ढर्रे को बदलकर कम समय में ज्यादा मुनाफा कमा सकें।
45 दिनों में तैयार होगी फसल
विभाग के योजना प्रभारी डॉक्टर आदर्श कुमार सचान का कहना है कि गेहूं जैसी पारंपरिक फसलों को तैयार होने में 4 महीने का लंबा समय लगता है, लेकिन उद्यान विभाग की नर्सरी में तैयार हाइब्रिड पौधों से किसान अब महज 45 से 50 दिनों में फसल काट सकते हैं। कम समय में तैयार होने के कारण किसान अपनी उपज को बाजार में जल्दी बेचकर रोजाना आमदनी सुनिश्चित कर सकते हैं, जिससे उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो रही है।
प्रशिक्षण और योजनाओं का लाभ
हाल ही में मथुरा प्रशासन द्वारा आयोजित एक प्रदर्शनी में उद्यान विभाग ने अपनी स्टॉल के जरिए किसानों को इन नई तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। नर्सरी में आम, जामुन, आंवला, टमाटर, लौकी, प्याज और लहसुन जैसी विभिन्न सब्जियों व फलों के अलावा फूलों की पौध भी तैयार की जा रही है। इच्छुक किसान सीधे नर्सरी आकर प्रशिक्षण ले सकते हैं, जहाँ उन्हें पौधे उगाने की वैज्ञानिक विधि सिखाई जाती है। इस हाईटेक खेती से किसानों को न केवल बेहतर उपज मिल रही है, बल्कि उन्हें चार महीने तक फसल पकने का इंतजार करने की मजबूरी से भी छुटकारा मिल रहा है।
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