बिहार
2 घंटे पहले
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विचारों
बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड स्थित नंदनी गांव के अभिनय कुमार की कामयाबी महज एक परीक्षा पास करने तक सीमित नहीं है। यह तीन पीढ़ियों के सपनों, अनुशासन, समर्पण और लगातार किए गए संघर्ष की जीती-जागती मिसाल है। कहते हैं कि मेहनत करने वालों को एक दिन सफलता जरूर मिलती है, और इस युवा ने इस कहावत को सच कर दिखाया है। महज दो साल की उम्र में माता-पिता से दूर रहकर पढ़ाई की शुरुआत करने वाला यह बच्चा आज देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिनी जाने वाली एनडीए (नेशनल डिफेंस एकेडमी) परीक्षा पास कर सेना में अधिकारी बनने की राह पर आगे बढ़ चुका है।
नाना और पिता का बरसों पुराना सपना
अभिनय के नाना विजय कुमार ठाकुर भारतीय सेना में सूबेदार मेजर रह चुके हैं, वहीं उनके पिता प्रभाकर कुमार इस समय सेना में हवलदार के पद पर तैनात हैं। दोनों की वर्षों पुरानी ख्वाहिश थी कि परिवार की अगली पीढ़ी सिर्फ सैनिक न बने, बल्कि सेना में अधिकारी के रूप में सेवा दे। इसी सपने को पूरा करने के लिए नाना ने बचपन से ही अभिनय में सैन्य जीवन के संस्कार भरे और उनकी पढ़ाई की ऐसी मजबूत नींव तैयार की, जिसने आगे चलकर सफलता का मार्ग प्रशस्त किया।
सैनिक स्कूल से तय हुई कामयाबी की राह
अभिनय बताते हैं कि उनके नाना शुरू से ही उन्हें सेना में अधिकारी के रूप में देखना चाहते थे। इसी मकसद से उनका दाखिला पश्चिम बंगाल के सैनिक स्कूल, पुरुलिया में कराया गया। छठी कक्षा से ही सैनिक स्कूल में पढ़ाई करने वाले अभिनय ने वहीं एनडीए की तैयारी की मजबूत बुनियाद रखी। सैनिक स्कूल का अनुशासित वातावरण, शिक्षकों का मार्गदर्शन और सैन्य संस्कृति उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा साबित हुई।
43 में से केवल 17 छात्र हुए कामयाब
अभिनय के मुताबिक, उनके बैच में 43 छात्र थे, मगर इनमें से सिर्फ 17 छात्र ही एनडीए की लिखित परीक्षा पास कर सके। इसके बाद एसएसबी इंटरव्यू की कठिन चुनौती उनके सामने थी। इसके लिए उन्होंने अलग-अलग विशेषज्ञों और स्कूल में तैनात सैन्य अधिकारियों से मार्गदर्शन लिया। उनके चाचा संजीत ठाकुर, जिन्हें एसएसबी प्रक्रिया का अनुभव है, ने भी लगातार उनका हौसला बढ़ाया। सात वर्षों की कड़ी मेहनत, नियमित अभ्यास और अनुशासित तैयारी का नतीजा यह रहा कि उन्होंने पहले ही प्रयास में एनडीए और एसएसबी, दोनों चरणों में सफलता हासिल कर ली।
तीन पीढ़ियों की मेहनत लाई रंग
अभिनय अपनी इस सफलता का श्रेय सबसे पहले अपने नाना विजय कुमार ठाकुर, पिता प्रभाकर कुमार और चाचा संजीत ठाकुर को देते हैं। उनका कहना है कि अगर परिवार का मार्गदर्शन, भरोसा और सहयोग नहीं मिलता, तो शायद यह मुकाम हासिल करना मुमकिन नहीं होता। वे बताते हैं कि उनके पिता हमेशा से यही चाहते थे कि उनका बेटा सेना में अधिकारी बने और परिवार की सैन्य परंपरा को नई बुलंदियों तक पहुंचाए।
पूरे परिवार में जश्न का माहौल
एनडीए में सफलता मिलने के बाद पूरे परिवार में खुशी की लहर है। ताजपुर निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर नाना, सेना में कार्यरत पिता, शिक्षक चाचा और परिवार के दूसरे सदस्यों ने जिस सपने को बरसों तक सहेजकर रखा, वह अब साकार होता नजर आ रहा है। अभिनय ने एनडीए परीक्षा में ऑल इंडिया 302वीं रैंक हासिल की है। अब वे भारतीय सेना में अधिकारी बनने का गौरव पाने जा रहे हैं, जिससे न केवल उनका परिवार, बल्कि पूरा समस्तीपुर जिला खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।
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