उत्तर प्रदेश
57 मिनट पहले
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शादी की चाहत बनी मुसीबत
सहारनपुर में शादी के नाम पर साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो फर्जी विवाह वेबसाइटों का जाल बिछाकर भोले-भाले लोगों को अपना शिकार बना रहा था। इस पूरे खेल का खुलासा थाना सदर बाजार और साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम द्वारा की गई छापेमारी के बाद हुआ। पुलिस ने कोर्ट रोड स्थित गिल कॉलोनी में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर पर दबिश दी, जहां से इस पूरे रैकेट को संचालित किया जा रहा था।
फर्जी वेबसाइट और ठगी का तरीका
जांच में पता चला है कि आरोपी परफेक्ट रिश्ते (Perfect Rishtey Proprietor) नाम की एक फर्जी वेबसाइट चला रहे थे। इस वेबसाइट के जरिए वे शादी के इच्छुक लोगों का डेटा जुटाते थे। काम करने का तरीका बेहद शातिर था। वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों को गिरोह की युवतियां फोन करती थीं और उन्हें मनपसंद जीवनसाथी दिलाने का भरोसा दिलाती थीं। जब कोई व्यक्ति उनके झांसे में आ जाता, तो उससे ऑनलाइन पंजीकरण शुल्क और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर पैसे की मांग की जाती थी।
यदि पीड़ित व्यक्ति किसी लड़की की तस्वीर मांगता या बातचीत करने की जिद करता, तो ये आरोपी इंटरनेट से डाउनलोड की गई मनगढ़ंत तस्वीरें भेज देते थे। कॉल सेंटर में बैठी युवतियां ही फोन पर बातचीत करके उन्हें विश्वास में ले लेती थीं। पैसा अकाउंट में जमा होते ही, ये लोग पीड़ित का नंबर ब्लॉक कर देते थे और अगला शिकार तलाशने लगते थे।
छापेमारी में बरामद हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
पुलिस की पूछताछ में मुख्य आरोपी सूरज मरावी ने खुलासा किया कि इस रैकेट में 8 से 9 लड़कियां काम करती थीं। इन युवतियों को अलग-अलग कीपैड मोबाइल दिए गए थे ताकि वे आसानी से लोगों को कॉल कर सकें। इसके अलावा लैपटॉप और अन्य तकनीक का इस्तेमाल करके संभावित ग्राहकों की सूची तैयार की जाती थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में डिजिटल सबूत और उपकरण जब्त किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- 16 कीपैड मोबाइल फोन
- 3 एंड्रॉयड स्मार्टफोन
- 1 लैपटॉप और 9 कंप्यूटर मॉनिटर
- 7 सीपीयू और 1 प्रिंटर
- 2 एचडीएफसी बैंक के क्यूआर कोड
- बायोमैट्रिक डिवाइस, चेकबुक, मोहर, वाई-फाई उपकरण और लैंडलाइन फोन
आगे की कानूनी कार्रवाई
इस पूरे मामले में पुलिस ने संबंधित धाराओं और आईटी एक्ट के तहत गंभीर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि गिरोह की सहायता करने वाली युवतियों को पूछताछ के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। वर्तमान में पुलिस टीम इस रैकेट के मास्टरमाइंड और अन्य फरार सहयोगियों की तलाश में जुटी हुई है। इसके साथ ही इस बात की भी जांच की जा रही है कि इस फर्जी वेबसाइट के जरिए देश भर में कितने लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई है और कितनी बड़ी रकम ऐंठी गई है।
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