कानपुर: पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आलोक सिंह ने की खुदकुशी, लाइसेंसी हथियार से खुद को मारी गोली उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 67
कानपुर के बसंत विहार इलाके में कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मार ली, जिससे उनकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वे लंबे समय से परिवार से अलग रह रही पत्नी और बेटियों को लेकर मानसिक तनाव में थे।

कानपुर में हड़कंप: छात्र नेता का शव मिलने से सनसनी

कानपुर के नौबस्ता थाना अंतर्गत बसंत विहार इलाके में बुधवार की सुबह एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पंडित पृथ्वीनाथ (PPN) कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आलोक सिंह का शव उनके ही घर के कमरे में खून से सना हुआ मिला। प्राथमिक जांच और घटनास्थल के हालातों को देखकर पुलिस का मानना है कि उन्होंने अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद के सिर में गोली मारकर आत्महत्या की है। सूचना मिलते ही पुलिस विभाग और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सबूत जुटाने का काम शुरू किया। फिलहाल पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिस कारण पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से बारीकी से पड़ताल कर रही है।

देर रात आवाज आई और सुबह खुला भयावह सच

50 वर्षीय आलोक सिंह अपने परिवार और पिता के साथ बसंत विहार स्थित पुश्तैनी आवास में रहते थे। उनके पिता मुख्य रूप से ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते हैं, जिसमें आलोक भी उनका हाथ बंटाते थे। मंगलवार की रात सब कुछ सामान्य था। काम से लौटने के बाद आलोक ने अपने परिवार के साथ रात्रि का भोजन किया और उसके बाद पहली मंजिल पर स्थित अपने कमरे में चले गए। जानकारी के मुताबिक, देर रात घर के सदस्यों को किसी भारी धमाके जैसी आवाज सुनाई दी थी, लेकिन किसी को यह अंदाजा नहीं था कि वह आवाज किसी अनहोनी का संकेत है। घर के लोग इसे मामूली मानकर नजरअंदाज कर गए। बुधवार की सुबह जब आलोक काफी देर तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकले, तो परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। काफी आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब अंदर से कोई जवाब नहीं आया, तो घर वालों ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर का दृश्य देखकर परिवार के होश उड़ गए, आलोक का शव लहूलुहान अवस्था में पड़ा था।

पत्नी और बेटियों से अलगाव बना तनाव का कारण

आलोक सिंह साल 1999 में PPN कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए थे। वे अपने कॉलेज के दिनों से ही राजनीति और सामाजिक कार्यों में काफी सक्रिय रहे। परिवार के लोगों ने बताया कि बीते कुछ समय से आलोक की निजी जिंदगी में उथल-पुथल चल रही थी। उनकी पत्नी विनीता अपनी दोनों बेटियों के साथ लखनऊ में रह रही थीं। उनकी बड़ी बेटी मर्चेंट नेवी जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही है, जबकि छोटी बेटी लखनऊ में ही रहकर 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही है। परिजनों का कहना है कि पत्नी और बच्चों से दूर रहने के कारण आलोक अक्सर गहरे मानसिक दबाव में दिखाई देते थे। हालांकि, परिवार ने यह भी स्पष्ट किया है कि घर के भीतर किसी प्रकार का बड़ा झगड़ा या कलह नहीं थी।

पुलिस की कार्रवाई और जांच जारी

घटना की जानकारी मिलते ही लखनऊ से दोनों बेटियां कानपुर पहुंच गई हैं। परिवार में मातम का माहौल है और सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम हाउस पर स्थानीय लोग और कई जनप्रतिनिधियों का तांता लगा रहा। नौबस्ता थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि अभी जांच शुरुआती स्तर पर है और किसी भी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पारिवारिक विवाद, मानसिक स्वास्थ्य और अन्य सामाजिक कारणों की गहनता से जांच की जा रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश से ही एक और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहां सिद्धार्थनगर में एक विवाहिता की हत्या कर उसके शव को घर के अंदर ही दफना देने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शादी महज एक जून को ही हुई थी और उस पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप ससुराली जनों पर लगा है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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