जापान के 7-Eleven स्टोर में भारतीय पर्यटक के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार, मालकिन ने पुलिस तक बुला ली विश्व एक घंटा पहले 7
जापान यात्रा पर गए एक भारतीय कंटेंट क्रिएटर ने वहां के एक स्टोर में नस्लवाद और अपमानजनक व्यवहार का अनुभव साझा किया है। मामले ने तब तूल पकड़ लिया जब स्टोर की मालकिन ने भारतीय होने का पता चलते ही उन पर आरोप मढ़ दिए और पुलिस को मौके पर बुला लिया।

जापान में भारतीय पर्यटक के साथ चौंकाने वाली घटना

अपनी खूबसूरती, सुरक्षित माहौल और अनुशासित जीवनशैली के लिए मशहूर जापान में एक भारतीय पर्यटक को बेहद कड़वे अनुभव का सामना करना पड़ा है। ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर अनंत मित्तल ने दावा किया है कि जापान के शिजुओका प्रांत में एक 7-Eleven स्टोर पर उन्हें केवल उनके भारतीय होने के कारण नस्लीय भेदभाव और उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा। यह मामला सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है और लोग इस पर तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।

क्या हुआ था उस स्टोर के अंदर?

अनंत मित्तल ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि वे अपनी यात्रा के दौरान भोजन लेने के लिए एक 7-Eleven स्टोर पर रुके थे। उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारी से अपना खाना गर्म करने का अनुरोध किया, जिसे कर्मचारी ने स्वीकार भी कर लिया। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन अचानक स्थिति ने गंभीर मोड़ ले लिया। अनंत के अनुसार, स्टोर की मालकिन वहां पहुंची और उनसे उनके देश के बारे में पूछताछ की। जैसे ही उन्हें पता चला कि वह भारतीय हैं, उनका व्यवहार पूरी तरह से बदल गया। महिला ने चिल्लाना शुरू कर दिया और उन पर अभद्र आरोप लगाते हुए तुरंत पुलिस को बुला लिया।

वीडियो ने बचाई भारतीय पर्यटक की जान

अनंत ने बताया कि जब महिला ने उनके खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया और आरोप लगाने लगी, तो उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए पूरी घटना को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया। अनंत का मानना था कि यदि बाद में उन पर कोई झूठा इल्जाम लगता है, तो यह वीडियो ही उनके बचाव का एकमात्र ठोस प्रमाण होगा। कुछ ही मिनटों में स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई। अधिकारियों ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और अनंत द्वारा रिकॉर्ड की गई वीडियो फुटेज का बारीकी से निरीक्षण किया।

पुलिस की भूमिका और समाधान

अनंत के दावे के मुताबिक, पुलिस की जांच में उन्हें पूरी तरह से निर्दोष पाया गया। अधिकारियों को उनके खिलाफ कोई भी गलत गतिविधि नहीं मिली। इसके विपरीत, पुलिस ने अनंत के प्रति सम्मान दिखाया और स्टोर की मालकिन को उनकी गलत हरकत के लिए जमकर फटकार लगाई। अनंत ने शिजुओका में अपने प्रवास के अंतिम दिन हुई इस घटना के बाद पुलिस के पेशेवर रवैये की सराहना की। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने न केवल उन्हें सम्मानपूर्वक विदा किया, बल्कि उनकी तरफ से माफी भी मांगी।

बढ़ते भारतीय पर्यटकों के बीच चिंता का विषय

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जापान भारतीय पर्यटकों के बीच छुट्टियां बिताने के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। जापान नेशनल टूरिज्म ऑर्गनाइजेशन के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में ही 3 लाख से अधिक भारतीय पर्यटकों ने जापान की यात्रा की थी, जो वर्ष 2024 की तुलना में करीब 35 फीसदी अधिक है। साथ ही, वहां रहने वाले भारतीयों की संख्या में भी निरंतर वृद्धि देखी जा रही है। जापान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दिसंबर 2025 तक वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों की कुल संख्या 58 हजार के पार पहुंच गई थी।

सुरक्षित जापान पर सवाल

जापान अपनी अनूठी संस्कृति, स्वच्छता और तकनीक के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, लेकिन इस तरह की नस्लीय भेदभाव की घटनाएं एक बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाती हैं। सोशल मीडिया पर लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ वहां का माहौल बदल रहा है। अनंत का अनुभव न केवल एक व्यक्तिगत घटना है, बल्कि यह उन लाखों भारतीयों के लिए भी एक चेतावनी है जो हर साल जापान की यात्रा की योजना बनाते हैं। शिजुओका की इस घटना ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है कि क्या जापान जैसे विकसित देश में भी अब नस्लवाद की जड़ें गहरी हो रही हैं।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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