कालाहारी रेगिस्तान के नीचे मिला 800 फीट गहरा रहस्यमय संसार, बिना आंखों वाले जीव और सूरज के बगैर भी जिंदगी विश्व 4 महीने पहले 145
दक्षिणी अफ्रीका के कालाहारी रेगिस्तान के नीचे वैज्ञानिकों को एक विशाल भूमिगत झील मिली है, जिसमें करोड़ों साल से घुप्प अंधेरे में बिना आंखों वाले जीव और सुनहरी मछलियां पल रही हैं।

दक्षिणी अफ्रीका के सबसे सूखे हिस्सों में गिने जाने वाले कालाहारी रेगिस्तान की सतह के ठीक नीचे वैज्ञानिकों ने एक ऐसी दुनिया खोज निकाली है, जो किसी 'पाताल लोक' से कम नहीं। यह नजारा जितना डरावना है, उतना ही हैरान कर देने वाला भी, क्योंकि यहां रोशनी का नामोनिशान तक नहीं है।

जमीन के नीचे छिपी विशाल झील

धरती की सतह से लगभग 60 मीटर नीचे मौजूद इस गुफा को 'ड्रैगन्स ब्रेथ केव' कहा जाता है। इसके भीतर 866 फीट गहरी एक अंडरग्राउंड झील है, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी भूमिगत झील माना जाता है। खास बात यह है कि करोड़ों सालों से इस झील तक सूरज की एक किरण भी नहीं पहुंची और यहां सिर्फ गहरा अंधेरा पसरा हुआ है।

अंधेरे में पनपती अनोखी जिंदगी

वैज्ञानिकों के लिए सबसे बड़ा रहस्य तब खड़ा हुआ, जब इस रहस्यमयी झील के पानी में बिना आंखों वाले जीव और सुनहरी मछलियां दिखाई दीं। लगातार अंधेरे में रहने वाले इन दुर्लभ प्राणियों ने ऐसे माहौल में खुद को ढाल लिया है, जहां देखने की क्षमता का कोई मतलब नहीं रह जाता।

बिना सूरज के कैसे टिकी रही जिंदगी

वैज्ञानिकों का कहना है कि ये दुर्लभ जीव बिना सूरज की रोशनी के सदियों से जिंदा हैं। पूरी तरह अंधकार में बीत रही इनकी जिंदगी इस बात का सबूत है कि कुदरत सबसे कठिन और प्रतिकूल हालात में भी जीवन का रास्ता निकाल लेती है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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