उपनाम: वैज्ञानिक खोज
वैज्ञानिकों ने सुलझाया 7 करोड़ साल पुराना रहस्य, डायनासोर के खात्मे की असली वजह आई सामने
करीब 6.6 करोड़ साल पहले धरती से डायनासोरों का सफाया कैसे हुआ, इसे लेकर वैज्ञानिकों ने नई खोज की है। शोध में पता चला है कि विनाश का कारण एसिड रेन नहीं, बल्कि सौर मंडल के बाहरी इलाके से आया एक बेहद दुर्लभ एस्टेरॉयड था।
पाकिस्तान के कचरे के ढेर में मिला अनोखा फंगस, क्या प्लास्टिक प्रदूषण से मिलेगी बड़ी राहत?
इस्लामाबाद में कचरे के एक डंपिंग ग्राउंड की मिट्टी से वैज्ञानिकों को एक खास तरह का कवक मिला है, जो खतरनाक प्लास्टिक को नष्ट करने की क्षमता रखता है। यह खोज प्लास्टिक प्रदूषण से निपटने की वैश्विक चुनौतियों के लिए एक नई उम्मीद की किरण बनकर उभरी है।
विज्ञान का करिश्मा: हवा में उड़ते ही आंखों से ओझल हो जाता है यह ड्रोन, वैज्ञानिकों ने खोजा मिस्टर इंडिया वाला फॉर्मूला
नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने फैंटम ट्विस्ट नाम का एक अनोखा ड्रोन तैयार किया है, जो अपनी विशेष बनावट और घूमने की रफ्तार के कारण हवा में गायब हो जाता है। यह ड्रोन इंसानी आंखों और दिमाग को चकमा देने के लिए मोशन ब्लर तकनीक का इस्तेमाल करता है।
मेक्सिको के घने जंगलों में मिली 1000 साल पुरानी माया सभ्यता की गुमनाम नगरी
मेक्सिको के कैम्पेचे जंगलों में पुरातत्वविदों ने एक विशाल प्राचीन शहर खोज निकाला है जो करीब 1000 सालों से दुनिया की नजरों से ओझल था। इस रहस्यमयी स्थान पर पिरामिड और भव्य महलों के अवशेष मिले हैं, जिन्हें देखकर वैज्ञानिक भी दंग हैं।
90 साल से वैज्ञानिकों के लिए रहस्य बनी छिपकली बीकानेर की चाय की दुकान पर मिली
राजस्थान के बीकानेर में वैज्ञानिकों ने छिपकली की एक नई प्रजाति खोजी है, जिसे मेसालिना बिश्नोई नाम दिया गया है। यह प्रजाति पिछले 90 साल से केवल किताबों का हिस्सा बनी हुई थी।
3.2 अरब साल पुराना इतिहास: जब पूरी दुनिया डूबी थी, तब झारखंड की यह ज़मीन पानी से बाहर थी
वैज्ञानिकों के हालिया शोध में झारखंड के सिंहभूम क्षेत्र को पृथ्वी के सबसे पुराने भू-भागों में से एक बताया गया है। माना जाता है कि अरबों साल पहले जब पूरी धरती समुद्र में समाई थी, तब सिंहभूम का हिस्सा पानी से ऊपर उभर चुका था।
कालाहारी रेगिस्तान के नीचे मिला 800 फीट गहरा रहस्यमय संसार, बिना आंखों वाले जीव और सूरज के बगैर भी जिंदगी
दक्षिणी अफ्रीका के कालाहारी रेगिस्तान के नीचे वैज्ञानिकों को एक विशाल भूमिगत झील मिली है, जिसमें करोड़ों साल से घुप्प अंधेरे में बिना आंखों वाले जीव और सुनहरी मछलियां पल रही हैं।