जीवनशैली
एक घंटा पहले
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विचारों
राजस्थान के मारवाड़ इलाके की खिचिया सब्जी एक ऐसा पारंपरिक व्यंजन है, जो अपने निराले स्वाद और बनाने की सरलता के कारण आज भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। बेहद कम सामग्री और चंद मिनटों की मेहनत में तैयार होने वाली यह सब्जी पीढ़ियों से मारवाड़ की रसोई का हिस्सा रही है।
पुराने दौर की देन है यह व्यंजन
80 वर्षीय तारा देवी बताती हैं कि बीते जमाने में जब घर-घर में ताजी सब्जियों की उपलब्धता नहीं रहती थी, तब खिचिया पापड़ की मदद से यह स्वादिष्ट सब्जी बनाई जाती थी। उस समय की जरूरत से जन्मा यह व्यंजन धीरे-धीरे मारवाड़ की खास पहचान बन गया।
इन मसालों से बनती है खास सब्जी
इस रेसिपी में लाल मिर्च, हल्दी, धनिया, लहसुन और जीरे जैसे आम घरेलू मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हीं मसालों के मेल से तैयार होने वाली यह सब्जी कुछ ही मिनटों में बनकर परोसने के लिए तैयार हो जाती है।
नई पीढ़ी तक पहुंच रहा स्वाद
जालोर सहित मारवाड़ के कई गांवों में महिलाएं आज भी इस परंपरागत व्यंजन को संजोए हुए हैं। वे न सिर्फ इसे खुद बनाती हैं, बल्कि इसका स्वाद और बनाने का तरीका नई पीढ़ी तक भी पहुंचा रही हैं, ताकि यह विरासत आगे भी कायम रहे।
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