28 अगस्त का मौसम: देश के 7 राज्यों के 25 शहरों में भारी तबाही का अलर्ट, IMD की चेतावनी से मचा हड़कंप
राष्ट्रीय राजनीति
2 घंटे पहले
7
विचारों
मौसम का खतरनाक मिजाज और IMD की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने आने वाले 28 अगस्त को लेकर देश के विभिन्न हिस्सों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। आसमान में छाए घने काले बादल, रुक रुक कर चमकती हुई बिजली और थम चुकी हवाएं इस बात का संकेत दे रही हैं कि मौसम का रुख विनाशकारी हो सकता है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और ओडिशा सहित कई राज्यों में मानसून ट्रफ और चक्रवाती दबाव ने पूरे मौसम तंत्र को बिगाड़ कर रख दिया है।
IMD ने कई संवेदनशील क्षेत्रों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि एक ही समय में भारी बारिश, आसमानी बिजली और समुद्री तूफान का दोहरा खतरा मंडरा रहा है। देहरादून, नैनीताल, भुवनेश्वर, कटक, भोपाल, जबलपुर और रांची जैसे प्रमुख शहरों में पहले से ही मूसलाधार बारिश के कारण जल भराव की स्थिति बनी हुई है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन यानी लैंडस्लाइड और अचानक आने वाली बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों का हाल
उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता के चलते कई जिलों में चेतावनी जारी की गई है:
- बांदा: मूसलाधार बारिश के कारण निचले इलाकों में भीषण जल भराव हो गया है। इससे सामान्य यातायात बुरी तरह बाधित है और स्थानीय नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर उठ रहा है।
- झांसी: यहाँ गरज और चमक के साथ तेज बिजली कड़कने का सिलसिला जारी है। प्रशासन ने लोगों को 28 अगस्त को भी सुरक्षित स्थानों पर रहने की सख्त सलाह दी है।
- प्रयागराज: लगातार हो रही बारिश से बाढ़ का खतरा लगातार बना हुआ है और शहर की निचली बस्तियों में पानी भर गया है।
- कानपुर: तेज हवाओं और तूफानी बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग का मानना है कि कल भी हालात ऐसे ही बने रह सकते हैं।
उत्तराखंड में कुदरत का कहर
पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है:
- देहरादून: भारी बारिश और तूफान के कारण पहाड़ी रास्तों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं।
- नैनीताल: निरंतर बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा काफी बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों के लिए जल भराव की चेतावनी है।
- चमोली: पहाड़ों पर हुए भूस्खलन से कई रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं और आकाशीय बिजली का खतरा बना हुआ है।
- पिथौरागढ़: तेज तूफान और मूसलाधार बारिश के चलते नदी नाले उफान पर हैं और इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
मध्य प्रदेश में मानसून का रौद्र रूप
मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है:
- रीवा: यहाँ बिजली कड़कने और भारी वर्षा की चेतावनी है, जिसके चलते निचले क्षेत्रों में पानी भर गया है।
- पन्ना: मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है और ग्रामीण क्षेत्रों में जल भराव की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है।
- छतरपुर: तेज तूफान और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है और कई रास्ते पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।
- सतना: भारी बारिश के चलते नालों में उफान है, जिससे बाढ़ का संकट मंडराने लगा है।
ओडिशा के तटीय इलाकों में तूफान का साया
ओडिशा के तटीय शहरों में समुद्री हलचल ने चिंता बढ़ा दी है:
- भुवनेश्वर: रिकॉर्ड तोड़ बारिश के बाद सड़कों पर गहरा पानी भर गया है, जिससे बार बार यातायात रुक रहा है।
- कटक: यहाँ मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ के हालात बन गए हैं और रिहाइशी इलाकों में पानी घुस गया है।
- पुरी: तटीय चक्रवातीय तूफान के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और भारी जल भराव की सूचना है।
- बालेश्वर: बिजली कड़कने और तेज तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे कल जनजीवन के पूरी तरह थमने की आशंका है।
झारखंड और बिहार की स्थिति
झारखंड में रांची, जमशेदपुर, धनबाद और दुमका में मूसलाधार बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। वहीं बिहार के पटना, गया, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में रुक रुक कर हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। भागलपुर में गंगा के तटीय क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
दिल्ली-NCR का मौसम
दिल्ली और आसपास के इलाकों में स्थितियाँ थोड़ी अलग हैं। यहाँ भारी बारिश की संभावना तो कम है, लेकिन उमस और गर्मी लोगों को परेशान करेगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में आसमान में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन बारिश न होने से अधिकतम तापमान 35°C के पार जाने की उम्मीद है। चिलचिलाती गर्मी और भारी उमस बनी रहेगी।
हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्य
हिमाचल प्रदेश के शिमला, मनाली, धर्मशाला और मंडी में लैंडस्लाइड और व्यास नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का संकट पैदा हो गया है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता, सिलीगुड़ी, हावड़ा और जलपाईगुड़ी में मूसलाधार बारिश से नदियों में उफान आया है। वहीं छत्तीसगढ़ के रायपुर, बस्तर, बिलासपुर और दुर्ग में बारिश से जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ है। असम के गुवाहाटी, डिब्रूगढ़, सिलचर और जोरहाट में ब्रह्मपुत्र नदी के जलस्तर में वृद्धि के चलते बाढ़ का खतरा लगातार बना हुआ है और फसल क्षति की भी आशंका जताई जा रही है।
Comments
0 comment