जामुन सिर्फ फल नहीं, अब बनाइए इसकी चटपटी सब्जी! क्या आपने चखा है यह देसी जायका? जीवनशैली एक महीने पहले 30
भीलवाड़ा में जामुन की भरपूर आवक के बीच इसकी अनोखी सब्जी चर्चा में है, जिसे सामान्य मसालों से आसानी से बनाया जा सकता है। इसका खट्टा-मीठा स्वाद हर उम्र के लोगों को भाता है।

गर्मी के मौसम में बाजारों से लेकर गांवों तक जामुन की खूब आवक रहती है। अधिकतर लोग इसे सीधे फल के रूप में खाते हैं या फिर इसका जूस बनाकर पीते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि जामुन की स्वादिष्ट सब्जी भी बनाई जा सकती है। यह देसी व्यंजन स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद माना जाता है, और सबसे खास बात यह है कि इसे घर पर बेहद आसानी से तैयार किया जा सकता है।

नंदनी कुमारी सांखला के मुताबिक, इस सब्जी को बनाने के लिए किसी खास मसाले की जरूरत नहीं पड़ती और यह बहुत कम समय में बनकर तैयार हो जाती है। उन्होंने बताया कि भीलवाड़ा में लगभग हर गांव और खेत में जामुन का पेड़ देखने को मिल जाता है। इन दिनों बाजार में भी जामुन की अच्छी आवक हो रही है।

घर पर ऐसे बनाएं जामुन की स्वादिष्ट सब्जी

सबसे पहले पके हुए जामुनों को अच्छी तरह धो लें। इसके बाद जामुन का गूदा और गुठली अलग कर लें। अब एक कड़ाही में थोड़ा तेल गर्म करें और उसमें जीरा, राई तथा हींग का तड़का लगाएं।

इसके बाद बारीक कटा हुआ प्याज और हरी मिर्च डालकर अच्छे से भून लें। फिर इसमें जामुन का गूदा डालें और हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर तथा स्वादानुसार नमक मिलाएं। कुछ मिनट तक पकाने के बाद इसमें थोड़ा गुड़ या चीनी डाल सकते हैं, ताकि खट्टे-मीठे स्वाद का संतुलन बना रहे। कुछ देर और पकाने के बाद स्वादिष्ट जामुन की सब्जी तैयार हो जाती है।

हर उम्र के लोगों को भाता है खट्टा-मीठा स्वाद

नंदनी कुमारी सांखला ने बताया कि उनके परिवार में यह सब्जी लंबे समय से बनाई जाती रही है। कई लोग इसे रोटी, बाजरे की रोटी या पराठे के साथ खाना पसंद करते हैं। इसका खट्टा-मीठा स्वाद बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आता है और गर्मी के दिनों में यह भोजन में एक नया जायका जोड़ने का काम करती है।

जामुन की गुठली भी है बेहद फायदेमंद

सब्जी बनाने के बाद बची हुई गुठलियां भी काफी उपयोगी मानी जाती हैं और इनका कई तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है। जामुन की गुठली का पाउडर पारंपरिक रूप से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए उपयोग किया जाता है। आयुर्वेद में भी इसे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी बताया गया है। हालांकि, किसी भी औषधीय उपयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना आवश्यक है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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