Chhattisgarh में साल भर लोकप्रिय है Kadhi Bhajiya, जानिए घर पर बनाने का पारंपरिक तरीका जीवनशैली एक महीने पहले 47
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक Kadhi Bhajiya न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि पाचन के लिए भी काफी हल्की मानी जाती है। बालोद की टामिन बाई पटेल ने इस मशहूर डिश को तैयार करने की आसान विधि साझा की है।

छत्तीसगढ़ का खास स्वाद

छत्तीसगढ़ की खानपान संस्कृति में कई ऐसे व्यंजन हैं जो आज भी लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं। इन्हीं में से एक है छत्तीसगढ़ी Kadhi Bhajiya, जिसे गांव से लेकर शहर तक के लोग बहुत चाव से खाते हैं। गर्मी के मौसम में तो इसकी मांग और भी बढ़ जाती है। इसे तैयार करने वाली बालोद की टामिन बाई पटेल, जो पिछले 20 वर्षों से इस व्यंजन को बना रही हैं, बताती हैं कि यह न सिर्फ स्वाद में लाजवाब है, बल्कि इसे पचाना भी आसान है।

Kadhi Bhajiya बनाने की विधि

टामिन बाई के अनुसार, इस डिश को घर पर तैयार करना काफी सरल है। इसकी प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • सबसे पहले बेसन से भजिया तैयार करें।
  • कड़ाही में तेल गरम करें और उसमें जीरा, सरसों और मीठा नीम पत्ता डालकर तड़का लगाएं।
  • मसाले के रूप में पिसा हुआ टमाटर, लहसुन का पेस्ट, हल्दी, मिर्च पाउडर और धनिया पाउडर डालकर अच्छी तरह पकाएं।
  • मसाला तैयार हो जाने के बाद इसमें दही मिलाएं और उबाल आने तक गर्म करें।
  • अंत में तैयार की गई भजिया को इसमें डाल दें और धीमी आंच पर करीब 10 मिनट तक पकने दें।

परंपरा और स्वाद का संगम

टामिन बाई ने बताया कि यह खास रेसिपी उन्होंने अपनी माताजी से सीखी थी और वह लंबे समय से इसे इसी तरीके से बना रही हैं। यह व्यंजन रोटी के साथ भी खाया जा सकता है, लेकिन चावल के साथ इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। आज के समय में भी यह पारंपरिक डिश छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति को जीवित रखने का काम कर रही है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप