परफेक्ट चीज बॉल बनाने का अनोखा तरीका, गाजीपुर के शेफ ने साझा किए कुकिंग के राज जीवनशैली एक महीने पहले 71
गाजीपुर के अनुभवी शेफ सोनू शर्मा ने चीज बॉल बनाने की एक विशेष विधि साझा की है, जिसमें इसे सेट करने के लिए पूरे दो दिन का समय लगता है। उन्होंने बताया कि किस तरह धैर्य और सही तकनीक अपनाकर घर पर ही एकदम कुरकुरी और लजीज चीज बॉल तैयार की जा सकती है।

चीज बॉल का बढ़ता क्रेज

आज के दौर में युवाओं के बीच चीज बॉल एक बेहद पसंदीदा स्नैक बन चुका है। ऊपर से कुरकुरी और अंदर से पिघले हुए चीज से लबालब यह व्यंजन स्वाद के शौकीनों को दीवाना बना देता है। हालांकि, इसे बनाना जितना आसान दिखता है, असल में उतनी ही सावधानी और समय की मांग करता है। गाजीपुर के निवासी और कुशल शेफ सोनू शर्मा, जो पिछले 10 से 12 वर्षों से चीज बॉल बनाने की कला में निपुण हैं, बताते हैं कि बेहतरीन चीज बॉल कुछ मिनटों में नहीं बल्कि करीब दो दिन की लंबी तैयारी के बाद तैयार होती है।

मुंबई से सीखा हुनर

सोनू शर्मा ने यह पाक कला मुंबई के एक फूड एक्सपर्ट से सीखी थी। उनके अनुसार, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों में चीज बॉल की लोकप्रियता काफी अधिक है। अब यह स्वाद छोटे शहरों और कस्बों में भी लोगों की जुबान पर चढ़ने लगा है, जिसमें गाजीपुर भी शामिल है। सोनू का मानना है कि स्वादिष्ट चीज बॉल केवल सामग्री के सही चुनाव से ही नहीं, बल्कि बनाने की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से समझने से बनती है।

चीज बॉल तैयार करने की विधि

सोनू शर्मा के मुताबिक, चीज बॉल बनाने की प्रक्रिया आलू से शुरू होती है। सबसे पहले आलू को उबालकर पूरी तरह से मैश किया जाता है। इसके बाद इसमें स्वादानुसार विभिन्न मसालों के साथ अरारोट और कॉर्न फ्लोर मिलाया जाता है ताकि एक स्मूद और लचीला मिश्रण तैयार हो सके। इसके बाद चीज की छोटी-छोटी क्यूब्स काटी जाती हैं। आलू के मिश्रण को हथेली पर फैलाकर उसके अंदर चीज की क्यूब को रखा जाता है और उसे गोल आकार दिया जाता है। इस दौरान सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना होती है कि चीज बॉल को तलते समय वह फटे नहीं, जिसके लिए कोटिंग की एकरूपता बेहद जरूरी है। इसके बाद इन बॉल्स को कॉर्न फ्लोर के घोल यानी स्लरी में डुबोया जाता है और अंत में ब्रेड क्रम्ब्स की परत चढ़ाई जाती है, जिससे बाहर की ऊपरी सतह कुरकुरी बनती है।

क्यों जरूरी है फ्रिज में रखना

सोनू शर्मा ने इस रेसिपी का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा साझा करते हुए बताया कि कोटिंग पूरी होने के बाद इन बॉल्स को पहले करीब 24 घंटे के लिए सामान्य फ्रिज में रखा जाता है। इसके बाद इन्हें अगले 24 घंटे के लिए डीप फ्रीजर में रखा जाता है। इस लंबी प्रक्रिया के पीछे का उद्देश्य यह है कि चीज बॉल पूरी तरह से सेट हो जाए। यदि इसे सही तरीके से ठंडा नहीं किया गया, तो तेल में तलते समय इसके फटने और चीज के बाहर निकलने का डर रहता है।

मोजरेला या प्रोसेस्ड चीज, क्या है बेहतर

शेफ के अनुसार, आज के समय में लोग मोजरेला और प्रोसेस्ड चीज दोनों का ही इस्तेमाल कर रहे हैं। यदि आपको एकदम शानदार मेल्ट यानी चीज का पिघलाव चाहिए, तो प्रोसेस्ड चीज एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है। वहीं दूसरी ओर, अगर आप चीज बॉल में लंबी चीज पुल का अनुभव लेना चाहते हैं, तो मोजरेला चीज का इस्तेमाल करना चाहिए। हालांकि, मोजरेला का उपयोग करते समय तापमान और तलने की तकनीक पर विशेष ध्यान देना बहुत आवश्यक होता है।

धैर्य ही है असली स्वाद का राज

सोनू शर्मा का साफ कहना है कि अच्छी चीज बॉल बनाने का कोई शॉर्टकट नहीं है। इसका स्वाद केवल मसालों से नहीं, बल्कि तैयारी की लंबी प्रक्रिया से आता है। सही अनुपात में कोटिंग करना, इसे पर्याप्त समय तक ठंडा करना और फिर सही तापमान पर डीप फ्राई करना ही एक शेफ की सफलता का असली मंत्र है। यही कारण है कि घर पर अगर तुरंत चीज बॉल बनाना हो, तो केवल आलू का मिश्रण ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि गुणवत्ता और समय प्रबंधन का तालमेल बिठाना जरूरी है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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