गर्मी में बेस्वाद लगने लगा है खाना? लौकी से तैयार करें स्वादिष्ट कोफ्ता, घरवाले बार-बार मांगेंगे, जानें आसान रेसिपी जीवनशैली एक घंटा पहले 3
गर्मी के मौसम में हल्के और पौष्टिक भोजन की तलाश में लौकी का कोफ्ता एक बेहतरीन विकल्प है। जानिए घर पर ही आसान सामग्री से इसे बनाने की पूरी विधि।

गर्मी का मौसम आते ही अक्सर लोगों का खाने के प्रति मन कम हो जाता है। इस दौरान शरीर हल्के और पौष्टिक भोजन की मांग करता है। ऐसे समय में लौकी से बना कोफ्ता स्वाद और सेहत, दोनों लिहाज़ से एक शानदार विकल्प साबित होता है। छत्तीसगढ़ के कई घरों में गर्मी के दिनों में लौकी का कोफ्ता खास तौर पर बनाया जाता है। यह व्यंजन जितना स्वादिष्ट होता है, उतना ही शरीर को ज़रूरी पोषण भी देता है। यही कारण है कि बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्गों तक, हर उम्र के लोग इसे चाव से खाते हैं।

घर की आसान सामग्री से बनती है यह डिश

स्थानीय गृहिणी अन्नू नायक बताती हैं कि लौकी का कोफ्ता बनाने का तरीका बेहद आसान है और इसे घर में मौजूद आम सामग्री से ही तैयार किया जा सकता है। सबसे पहले ताज़ी और मुलायम लौकी को अच्छी तरह धोकर कद्दूकस कर लिया जाता है। इसके बाद कद्दूकस की हुई लौकी में से अतिरिक्त पानी को निचोड़कर अलग कर देना चाहिए। ऐसा करने से कोफ्ते का मिश्रण बेहतर बनता है और तलते समय उसका आकार भी बना रहता है।

अमचूर पाउडर से बढ़ेगा ज़ायका

अन्नू नायक के मुताबिक, कद्दूकस की हुई लौकी में बेसन, हल्दी, धनिया पाउडर और स्वाद को और बढ़ाने के लिए अमचूर पाउडर मिलाया जाता है। सारी सामग्री को अच्छी तरह मिलाने के बाद छोटे-छोटे पकौड़े बनाकर गर्म तेल में सुनहरा होने तक तला जाता है। ये पकौड़े ही आगे चलकर कोफ्ते का मुख्य हिस्सा बनते हैं।

इस तरह तैयार करें ग्रेवी

ग्रेवी बनाने के लिए कड़ाही में तेल गर्म किया जाता है। इसमें बारीक कटी प्याज और मिर्च डालकर अच्छी तरह भूना जाता है। इसके बाद हल्दी, धनिया पाउडर और गरम मसाला समेत बाकी घरेलू मसाले डालकर मिश्रण को पकाया जाता है। जब मसाले अच्छी तरह पक जाएं, तो ज़रूरत के मुताबिक पानी मिलाकर ग्रेवी तैयार की जाती है। उबाल आने के बाद पहले से तले हुए लौकी के पकौड़ों को इसमें डाल दिया जाता है।

शरीर को ठंडक और बेहतर पाचन

करीब 5 से 10 मिनट तक धीमी आंच पर पकाने के बाद कोफ्ते मसालों का स्वाद पूरी तरह सोख लेते हैं और व्यंजन बनकर तैयार हो जाता है। गर्मागर्म लौकी के कोफ्ते को रोटी, पराठा या चावल किसी के भी साथ परोसा जा सकता है। स्वाद के साथ-साथ लौकी में मौजूद पोषक तत्व शरीर को ठंडक देने और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी मददगार होते हैं। यही वजह है कि गर्मी के मौसम में छत्तीसगढ़ के लोगों की पसंदीदा पारंपरिक सब्ज़ियों में लौकी का कोफ्ता खास जगह रखता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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