अरबी के पत्तों से बने कुरकुरे पकौड़े बढ़ा देंगे मानसून का मजा, स्वाद के आगे चाय भी पड़ जाए फीकी जीवनशैली एक घंटा पहले 1
बारिश के मौसम में कुछ नया और चटपटा खाने का मन हो तो पहाड़ों में बनने वाली अरबी (पिनालू) के पत्तों की पकौड़ी आजमाएं, जो बाहर से कुरकुरी और अंदर से बेहद स्वादिष्ट होती है।

बारिश की बूंदें गिरते ही चाय और गरमागरम पकौड़ों का स्वाद हर किसी की पहली पसंद बन जाता है। कोई पालक के पकौड़े तलता है तो कोई प्याज के पकौड़ों का आनंद लेता है। लेकिन अगर आप फुहारों के बीच कुछ अलग और चटपटा चखना चाहते हैं, तो पहाड़ी इलाकों में बनने वाली अरबी, जिसे पिनालू भी कहा जाता है, के पत्तों की पकौड़ी आपके टी-टाइम को खास बना सकती है।

खास मसालों और पारंपरिक तरीके से तैयार होने वाली यह पकौड़ी बाहर से कुरकुरी और अंदर से बेहद स्वादिष्ट होती है। गरम चाय के साथ इसका जायका कुछ ऐसा होता है कि एक बार चखने के बाद लोग बार-बार इसकी फरमाइश करने लगते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे घर पर बनाना भी काफी आसान है।

पहाड़ी जायके की खासियत

पहाड़ों में अरबी के पत्तों से बनी यह पकौड़ी सदियों से लोगों के खाने का हिस्सा रही है। पारंपरिक मसालों के साथ तैयार होने के कारण इसका स्वाद आम पकौड़ों से बिल्कुल अलग और लाजवाब होता है। मानसून के मौसम में जब बाहर बारिश हो रही हो, तब इसका कुरकुरापन और गरमाहट इसे और भी खास बना देती है।

क्यों है यह सबकी पसंद

बाहर से कुरकुरी और अंदर से नरम और स्वादिष्ट होने की वजह से यह पकौड़ी हर उम्र के लोगों को भाती है। चाय के साथ परोसी जाने वाली इस पकौड़ी का स्वाद इतना दमदार होता है कि कई बार तो चाय का जायका भी इसके आगे फीका पड़ जाता है। घर पर आसानी से बन जाने के कारण आप इसे बारिश के किसी भी दिन झटपट तैयार कर सकते हैं और परिवार के साथ मौसम का पूरा लुत्फ उठा सकते हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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