छत्तीसगढ़
एक दिन पहले
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रायपुर ड्रग्स मामले में प्रवर्तन निदेशालय की सक्रियता
रायपुर में सामने आए हाई-प्रोफाइल ड्रग्स तस्करी के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। अब इस प्रकरण की जांच में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की एंट्री हो गई है। केंद्रीय एजेंसी ने रायपुर पुलिस से इस मामले से जुड़ी चार्जशीट, प्राथमिकी और अन्य जरूरी दस्तावेज तलब किए हैं। ईडी का मुख्य ध्यान इस बात पर है कि ड्रग्स के अवैध कारोबार से अर्जित धन को कहां ठिकाने लगाया गया और किन खातों में इसका लेनदेन हुआ।
जांच का दायरा और आरोपियों की स्थिति
इस पूरे मामले में अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसमें नव्या मलिक, हर्ष आहूजा, मोनू विश्नाई और दीप धनोरिया जैसे नाम प्रमुख हैं। इन सभी पर नशीले पदार्थों की तस्करी और एक संगठित गिरोह चलाने का आरोप है। पुलिस की अब तक की तफ्तीश में सामने आया है कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं, बल्कि एक व्यापक ड्रग्स नेटवर्क है, जिसके तार कई जगह जुड़े हो सकते हैं।
मनी ट्रेल और वित्तीय लेनदेन की जांच
ईडी की जांच का मुख्य केंद्र मनी लॉन्ड्रिंग और आर्थिक फंडिंग है। एजेंसी इस बात का पता लगाने की कोशिश करेगी कि मादक पदार्थों की बिक्री से जुटाया गया पैसा किन-किन माध्यमों से निवेश किया गया। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि नव्या मलिक ने तुर्की और ईरान सहित कई देशों की यात्राएं की हैं। इस यात्राओं के दौरान कुछ रसूखदार व्यक्तियों और बड़े शराब कारोबारियों की संलिप्तता की आशंका भी जताई जा रही है।
सैकड़ों बैंक खातों पर नजर
पुलिस और एजेंसियों की शुरुआती जांच में लगभग 2000 बैंक खातों में संदिग्ध लेनदेन के संकेत मिले हैं। अधिकारियों ने 320 संदिग्ध लोगों की एक सूची तैयार की है, जिसमें कई प्रभावशाली और बड़े नाम शामिल होने की चर्चा है। ईडी के आने से अब इस केस में वित्तीय पहलुओं का खुलासा होना लगभग तय माना जा रहा है। आने वाले दिनों में गिरफ्तार आरोपियों से दोबारा पूछताछ की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है, जिससे और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
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