NCR प्लान 2041 का असर: नोएडा-गुरुग्राम के बाद अब इन शहरों में बढ़ेगी प्रॉपर्टी की चमक व्यापार 2 महीने पहले 83
एनसीआर रीजनल प्लान 2041 के तहत करीब 20 लाख करोड़ रुपये का निवेश उन छोटे कस्बों और शहरों में किया जाएगा, जो अब तक विकास की दौड़ में पीछे थे। यह कदम दिल्ली और बड़े शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद करेगा।

विकास की नई दिशा

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र यानी एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। नाइट फ्रैंक इंडिया की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अब विकास का केंद्र केवल नोएडा और गुरुग्राम तक सीमित नहीं रहेगा। एनसीआर रीजनल प्लान 2041 के तहत उन उभरते शहरों और कस्बों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है, जिन्हें अब तक कम विकसित माना जाता था। इन इलाकों में कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाकर इन्हें निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की योजना है।

20 लाख करोड़ रुपये का निवेश

इस महत्वाकांक्षी योजना में लगभग 20 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य आने वाले समय में लगभग 3 करोड़ अतिरिक्त लोगों की आवास और अन्य जरूरतों को पूरा करना है। इस योजना के तहत सोनीपत, पानीपत, भिवाड़ी, अलवर, मेरठ और जेवर जैसे क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। इन शहरों में जमीन की उपलब्धता और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण ये निवेशकों और घर खरीदारों के लिए आकर्षक विकल्प बन रहे हैं।

कनेक्टिविटी बनेगी आधार

रियल एस्टेट के जानकारों का मानना है कि इस विकास की नींव बुनियादी ढांचे पर टिकी है। इसमें RRTS, दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC), और जेवर में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसी बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क के कारण अब लोग मुख्य शहरों से दूर रहकर भी अपने कार्यस्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

विशेषज्ञों की राय

  • जिंदल रियल्टी के सीईओ अभय मिश्रा का कहना है कि सोनीपत जैसे शहर किफायती कीमतों और बेहतर कनेक्टिविटी के चलते भविष्य के प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में उभरेंगे।
  • कार्यन ग्रुप के निदेशक वरून गर्ग के अनुसार, यह प्लान केवल विकास केंद्रों का निर्माण नहीं करेगा, बल्कि निवेशकों के लिए दीर्घकालिक अवसर भी पैदा करेगा।
  • रॉयल ग्रीन रियल्टी के मैनेजिंग डायरेक्टर यशांक वासन का मानना है कि भीड़भाड़ वाले शहरों से हटकर लोग अब नए और व्यवस्थित शहरी इकोसिस्टम की ओर रुख कर रहे हैं।

भविष्य की संभावनाएं

हालांकि यह योजना काफी बड़ी है, लेकिन इसकी सफलता इसके प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न सरकारी विभागों के बीच तालमेल पर निर्भर करेगी। यदि सब कुछ योजना के अनुसार होता है, तो उत्तर भारत के रियल एस्टेट का परिदृश्य पूरी तरह बदल जाएगा और विकास का लाभ केवल कुछ चुनिंदा शहरों तक सीमित न रहकर पूरे क्षेत्र में फैलेगा।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप