छत्तीसगढ़ में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 5 IAS अधिकारियों का हुआ तबादला, जानें किसे मिली क्या जिम्मेदारी
छत्तीसगढ़
एक घंटा पहले
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छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक स्तर पर बदलाव
छत्तीसगढ़ राज्य सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को गति देने और व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। हालिया आदेश के तहत राज्य के 5 IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य जिलों के प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाना है।
युवा अफसरों को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
इस तबादला सूची में मुख्य रूप से साल 2020 और 2024 बैच के युवा IAS अधिकारियों को तरजीह दी गई है। अब तक ये सभी अधिकारी प्रदेश के विभिन्न जिलों में सहायक कलेक्टर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। नई पदस्थापना के बाद ये अधिकारी अब अलग-अलग जिलों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) यानी SDM के रूप में कार्यभार संभालेंगे। इन अधिकारियों के कंधों पर अब संबंधित क्षेत्रों में राजस्व मामलों, कानून व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी योजनाओं को बेहतर ढंग से जनता तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी।
किसे मिली कहां की जिम्मेदारी
सरकार द्वारा जारी की गई आधिकारिक सूची के अनुसार, अधिकारियों की नई पदस्थापना का विवरण इस प्रकार है:
- फड़तरे अनिकेत अशोक: पूर्व में जशपुर में सहायक कलेक्टर के पद पर तैनात थे, अब उन्हें कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर का अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बनाया गया है।
- अरविंद कुमार टी: बिलासपुर जिले से अपनी सेवाएं दे रहे अरविंद कुमार टी को अब बलौदाबाजार का नया अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नियुक्त किया गया है।
- अक्षय दोशी: रायगढ़ में सहायक कलेक्टर के पद पर कार्य कर रहे अक्षय दोशी को अब राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के रूप में नई जिम्मेदारी दी गई है।
- क्षितिज गुरभेले: कोरबा जिले में सहायक कलेक्टर रहे क्षितिज गुरभेले को अब रायगढ़ जिले के घरघोड़ा का अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की कमान सौंपी गई है।
- विपिन दुबे: बस्तर जिले में कार्यरत रहे विपिन दुबे को अब कोरबा जिले के कटघोरा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के पद पर तैनात किया गया है।
पदभार ग्रहण करने की समय सीमा
राज्य सरकार ने अपने आदेश में सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे बिना देरी किए अपनी नई पदस्थापना वाले स्थानों पर पहुंचें। आदेश के मुताबिक, इन सभी पांचों IAS अधिकारियों को 21 अगस्त 2026 तक अपनी नई जिम्मेदारी का कार्यभार संभालना अनिवार्य होगा।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने पर जोर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के नियमित प्रशासनिक फेरबदल से मैदानी स्तर पर काम करने की गति में इजाफा होता है। युवा अधिकारियों को फील्ड में जिम्मेदारी सौंपने से शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन में ताजगी आती है। सरकार का यह कदम राज्य की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक जनहितकारी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास माना जा रहा है। आने वाले समय में इन बदलावों का सकारात्मक असर जिलों में सरकारी सेवाओं के वितरण पर देखने को मिल सकता है।
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