राजस्थान
2 घंटे पहले
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मानसून के दौरान फसल पर मंडराते खतरे
मूंगफली उत्पादक किसानों के लिए बारिश का मौसम चुनौतीपूर्ण होता है। लगातार हो रही वर्षा, आसमान में छाए बादल और खेतों में बढ़ती नमी मूंगफली की फसल के लिए घातक साबित हो सकती है। इन परिस्थितियों में खेतों में सफेद लट और पत्ती धब्बा रोग के संक्रमण का अंदेशा बढ़ जाता है, जो पूरी पैदावार को प्रभावित कर सकते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह और सावधानियां
कृषि विशेषज्ञ बजरंग सिंह के अनुसार, जब तक बारिश का दौर जारी है, किसानों को अनावश्यक तौर पर रसायनों का छिड़काव करने से बचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मौसम के पूरी तरह साफ होने का इंतजार करना चाहिए और उसके बाद ही जरूरत के अनुसार दवा का उपयोग करें। फसल में फलियां बनने की प्रक्रिया शुरू होने से पूर्व निराई-गुड़ाई करना काफी फायदेमंद होता है, लेकिन ध्यान रहे कि यदि खेत में जरूरत से ज्यादा नमी हो, तो गुड़ाई का कार्य न करें।
रोग प्रबंधन और बचाव के उपाय
फसल को सुरक्षित रखने के लिए निम्नलिखित कदम उठाएं:
- सफेद लट का नियंत्रण: इस समस्या से निपटने के लिए इमिडाक्लोप्रिड 200 एसएल को मिट्टी में मिलाना प्रभावी रहता है।
- पत्ती धब्बा रोग: यदि पत्तियों पर धब्बे दिखाई दें, तो बाविस्टिन का छिड़काव किया जा सकता है।
- जल प्रबंधन: यह सुनिश्चित करें कि खेत में पानी का जमाव न हो। जलनिकासी की उचित व्यवस्था फसल को सड़ने से बचाती है।
- नियमित निगरानी: रोजाना अपने खेतों का निरीक्षण करें ताकि किसी भी रोग के शुरुआती लक्षण दिखने पर तुरंत उपचार किया जा सके।
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