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एक घंटा पहले
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मानसून की सक्रियता और अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 12 अगस्त को देश के व्यापक हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से लेकर बहुत अधिक बारिश होने की आशंका जताई है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में पूर्वी राजस्थान का नाम प्रमुख है, जहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात और ओडिशा में भी मूसलाधार बारिश का अनुमान है। विभाग ने यह चेतावनी पिछले 24 घंटों में दर्ज की गई व्यापक वर्षा के आधार पर दी है, जिसमें पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के इलाके विशेष रूप से शामिल रहे हैं।
15 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का सिलसिला
मौसम विभाग का स्पष्ट मानना है कि आने वाले दिनों में राहत मिलने के आसार कम हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित संपूर्ण उत्तर और मध्य भारत में 15 अगस्त तक मानसून की सक्रियता बरकरार रहेगी। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो वहां 17 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कुल मिलाकर अगले एक हफ्ते तक देश के विभिन्न हिस्सों में बादलों की सक्रियता बनी रहने की संभावना है।
आज कहां-कहां बरसेंगे बादल
आज होने वाली बारिश को लेकर विभाग ने विस्तृत जानकारी दी है, जो इस प्रकार है:
- दिल्ली, राजस्थान और मध्य भारत के विभिन्न हिस्सों में व्यापक बारिश दर्ज की जाएगी।
- पूर्वी राजस्थान में बारिश का जोर सबसे अधिक रहने का अनुमान है।
- छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, पश्चिमी राजस्थान, गुजरात, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कुछ चुनिंदा हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना है।
- दिल्ली और NCR में बारिश का दौर लगातार जारी रह सकता है।
- हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
- देश के अन्य कई राज्यों में भी गंभीर मौसम की स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी है।
बारिश की प्रमुख वजह
पिछले कुछ दिनों से हो रही इस झमाझम बारिश के पीछे मुख्य कारण उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उसके आसपास बने कम दबाव का क्षेत्र है। मानसून ट्रफ, जो कि कम दबाव वाली एक लंबी पट्टी है, फिलहाल राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों से गुजरते हुए बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके अलावा 12 अगस्त के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक और नया कम दबाव का क्षेत्र बनने के संकेत मिले हैं। यह मौसमी बदलाव पूर्वी और मध्य भारत में बारिश को और अधिक गति प्रदान करेगा। आगामी सप्ताह के दौरान पश्चिमी हिमालय, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और कोंकण-गोवा जैसे क्षेत्रों में अच्छी बारिश की उम्मीद जताई गई है। दक्षिण भारत के तटीय कर्नाटक और केरल में भी भारी बारिश की संभावना है, जबकि आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ वर्षा हो सकती है।
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