राहुल गांधी पर निशिकांत दुबे का बड़ा हमला, बताया जिन्ना का दूसरा अवतार भारत एक घंटा पहले 2
झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी की तीखी आलोचना करते हुए उन्हें मोहम्मद अली जिन्ना का दूसरा जन्म बताया है।

राजनीतिक बयानबाजी और जिन्ना से तुलना

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल चुका है। इस मामले पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया है। दुबे ने राहुल गांधी की तुलना पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना से करते हुए उन्हें जिन्ना से भी अधिक खतरनाक नेता करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राहुल गांधी के रूप में जिन्ना का दूसरा जन्म हुआ है।

CBI जांच को लेकर उठाए सवाल

निशिकांत दुबे ने झारखंड सरकार और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आखिर वे CBI जांच से क्यों डर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं के मुख्य आरोपी धर्मेंद्र को झारखंड सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी के आवास से गिरफ्तार किया गया था। दुबे का तर्क है कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होती है, तो उसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का नाम भी सामने आ सकता है, यही कारण है कि सत्ताधारी दल इससे बच रहा है।

बीजेपी सांसद ने कांग्रेस को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में छात्रों के साथ हैं, तो उन्हें झारखंड सरकार से अपना समर्थन तत्काल वापस लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि कांग्रेस ऐसा नहीं करती है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि वे सोरोस के एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना एक वीडियो संदेश साझा करते हुए फिर से दोहराया कि राहुल गांधी का व्यक्तित्व और कार्यशैली जिन्ना जैसी है।

19 दिनों से छात्रों का विरोध जारी

झारखंड में नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का प्रदर्शन बुधवार को लगातार 19वें दिन भी जारी रहा। छात्र लगातार यह मांग कर रहे हैं कि भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। उनकी मांगों में प्रमुख रूप से झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की परीक्षाओं में पारदर्शिता लाना शामिल है। प्रदर्शनकारी छात्र इस मामले में CBI जांच की मांग पर अड़े हैं, या फिर वे चाहते हैं कि किसी अन्य राज्य के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट न्यायाधीश के नेतृत्व में इसकी जांच कराई जाए।

सोमवार को आंदोलनकारी छात्रों ने जब विधानसभा की ओर मार्च करने का प्रयास किया, तो पुलिस के साथ उनकी भिड़ंत हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और वाटर कैनन का उपयोग किया। छात्रों का आरोप है कि पुलिसिया कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। वहीं, रांची पुलिस का दावा है कि इस संघर्ष में उनके 14 जवान भी घायल हुए हैं।

बीजेपी का बंद और हेमंत सोरेन की प्रतिक्रिया

पुलिस की कार्रवाई के विरोध में भाजपा ने मंगलवार को पूरे राज्य में बंद का आह्वान किया था। इस बंद का असर विभिन्न जिलों में साफ तौर पर देखा गया, जहां सड़कें सूनी रहीं, बाजार बंद रहे और शिक्षण संस्थान भी प्रभावित हुए। भाजपा ने हेमंत सोरेन सरकार पर छात्रों की आवाज को बलपूर्वक दबाने का गंभीर आरोप लगाया है।

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों को आश्वस्त किया है कि उनकी सरकार परीक्षा प्रणाली में जरूरी सुधार करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने 14वीं JPSC परीक्षा को रद्द करने का भरोसा भी छात्रों को दिया है। साथ ही, सोरेन ने भाजपा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल छात्रों के आंदोलन का उपयोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए कर रहा है। कुल मिलाकर, यह आंदोलन अब केवल परीक्षाओं तक सीमित न रहकर झारखंड की राजनीति का मुख्य केंद्र बन चुका है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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