बंगला विवाद के बीच सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, 1 अणे मार्ग विस्तार का आदेश रद्द; क्या अब राबड़ी देवी खाली करेंगी आवास? बिहार 3 महीने पहले 46
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अब केवल 1 अणे मार्ग स्थित लोक सेवक आवास में रहेंगे और 5 देशरत्न मार्ग तक आवास विस्तार का पुराना आदेश निरस्त कर दिया गया है। इस कदम को बंगला विवाद पर विपक्ष के आरोपों के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

बिहार में मुख्यमंत्री आवास की व्यवस्था से जुड़ा एक अहम प्रशासनिक फैसला सामने आया है। अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सिर्फ 1 अणे मार्ग स्थित लोक सेवक आवास में ही निवास करेंगे। इससे पहले 5 देशरत्न मार्ग तक इस आवास का विस्तार करने का जो आदेश दिया गया था, उसे अब रद्द कर दिया गया है।

दरअसल, प्रशासनिक स्तर पर पहले यह तय किया गया था कि 1 अणे मार्ग स्थित लोक सेवक आवास परिसर का विस्तार 5 देशरत्न मार्ग तक किया जाएगा और दोनों परिसरों को मिलाकर एकीकृत मुख्यमंत्री आवास तैयार किया जाएगा। हालांकि, अब इस आदेश को वापस ले लिया गया है। इस निर्णय के बाद 1 अणे मार्ग और 5 देशरत्न मार्ग अलग-अलग बंगले के रूप में ही बने रहेंगे।

बंगला विवाद पर सरकार का जवाब

बताया जा रहा है कि सम्राट चौधरी की सरकार ने इस फैसले के जरिए बिहार में चल रहे बंगला विवाद पर एक तरह से जवाब दिया है। अब सम्राट चौधरी 5 देशरत्न मार्ग खाली करेंगे। राज्य सरकार के इस कदम को विपक्ष के आरोपों के जवाब के तौर पर भी देखा जा रहा है।

हाल के दिनों में राबड़ी देवी से जुड़े बंगला विवाद को लेकर विपक्ष बार-बार 5 देशरत्न मार्ग और 1 अणे मार्ग को मिलाकर सीएम हाउस बनाने के फैसले पर तंज कस रहा था। इसी के बाद अब राज्य सरकार ने लोक सेवक आवास के विस्तार का फैसला वापस ले लिया है। अब देखना यह होगा कि राबड़ी देवी 10 सर्कुलर रोड स्थित बंगला खाली करती हैं या नहीं।

नए फैसले के बाद दोनों बंगले अलग-अलग

  • 1 अणे मार्ग (लोक सेवक आवास) मुख्यमंत्री का आधिकारिक निवास बना रहेगा।
  • 5 देशरत्न मार्ग अलग सरकारी बंगले के रूप में अपनी पूर्व स्थिति में ही रहेगा।

इस तरह दोनों परिसरों को मिलाकर एक करने की योजना को अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

राबड़ी देवी को भेजा गया नोटिस

गौरतलब है कि बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड का सरकारी बंगला खाली करने के लिए सरकार की ओर से अंतिम नोटिस दिया गया है। यह बंगला अब मंत्री नंदकिशोर राम को आवंटित हो चुका है, लेकिन राबड़ी देवी और उनका परिवार 2005 से इसमें रह रहे हैं और उन्होंने इसे खाली करने से साफ इनकार कर दिया है।

राबड़ी देवी का कहना है कि इस बंगले से उनका पुराना संबंध है और वे किसी भी कीमत पर इसे नहीं छोड़ेंगी, जबकि सरकार ने उन्हें दूसरा बंगला भी उपलब्ध कराया है। सरकार का तर्क है कि नियम के अनुसार उन्हें यह बंगला खाली करना ही होगा, अन्यथा बाजार दर से किराया और ब्याज चुकाना पड़ेगा।

सियासी घमासान तेज

इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। बीजेपी ने लालू परिवार पर सरकारी आदेशों की अनदेखी और जनता के पैसे के दुरुपयोग का आरोप लगाया है, वहीं आरजेडी सरकार पर पक्षपात करने का आरोप मढ़ रही है। प्रशासन ने अंतिम नोटिस जारी कर दिया है और कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जिससे यह मामला कोर्ट तक भी पहुंच सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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