बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार लाख तक की आय वाले मरीजों को भी मिलेगा इलाज का अनुदान, 13 प्रस्तावों को हरी झंडी बिहार 3 घंटे पहले 2
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में 13 एजेंडों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष की आय सीमा 2.5 लाख से बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दी गई, साथ ही बक्सर में 483.51 करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजना को भी स्वीकृति मिली।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 13 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में स्वास्थ्य, रोजगार, कौशल विकास, उद्योग और आधारभूत संरचना से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सरकार के इन फैसलों से जहां गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।

चिकित्सा सहायता कोष का दायरा बढ़ा

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के तहत इलाज के लिए अनुदान पाने वाले मरीजों की वार्षिक आय सीमा को 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 लाख रुपये करने का निर्णय लिया। इस बदलाव से अब पहले की तुलना में कहीं अधिक जरूरतमंद मरीज इलाज के लिए सरकार से आर्थिक मदद हासिल कर सकेंगे।

रोजगार और कौशल विकास पर फोकस

युवा रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के अंतर्गत बिहार कौशल विकास मिशन में रोजगार सृजन के लक्ष्य को पूरा करने के लिए 19 अतिरिक्त पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई। इन पदों के संचालन के लिए सरकार ने प्रतिवर्ष 2 करोड़ 24 लाख 37 हजार रुपये की राशि भी मंजूर की है।

दरभंगा एम्स परियोजना को गति

कैबिनेट ने दरभंगा में प्रस्तावित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के लिए चयनित भूखंड पर मिट्टी भराई और समतलीकरण का कार्य कराने का निर्णय लिया। इस काम में आसपास की नदियों की उड़ाही से निकली मिट्टी का उपयोग किया जाएगा। सरकार ने यह कार्य जल संसाधन विभाग के माध्यम से कराने और इसके लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने की भी मंजूरी दी।

बक्सर में लगेगी वरुण बेवरेजेज की बड़ी इकाई

औद्योगिक क्षेत्र नवानगर, बक्सर में मेसर्स वरुण बेवरेजेज लिमिटेड की कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक, जूस बेस्ड ड्रिंक और अन्य उत्पादों की निर्माण इकाई के साथ 3 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई। इस परियोजना पर करीब 483.51 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। सरकार के अनुसार इस इकाई से लगभग 400 कुशल और अकुशल लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।

दंत चिकित्सकों को उच्च शिक्षा के लिए राहत

स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत बिहार स्वास्थ्य सेवा दंत चिकित्सक संवर्ग के चिकित्सकों को उच्च शिक्षा और अन्य आवश्यक उद्देश्यों के लिए निर्धारित शर्तों के साथ अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) देने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने स्वीकृति दी।

अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी

बैठक में कुल 13 एजेंडों को स्वीकृति दी गई। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का मकसद स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना, औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देना और राज्य की आधारभूत संरचना को और मजबूत बनाना है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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