सीतामढ़ी सदर अस्पताल पहुंचे बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, मरीज के परिजनों ने खोली दलालों की पोल बिहार 2 घंटे पहले 7
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने देर रात सीतामढ़ी सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, जहां मरीजों के परिजनों ने निजी अस्पतालों के दलालों के सक्रिय होने के गंभीर आरोप लगाए।

बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावों के बीच सूबे के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने देर रात सीतामढ़ी के सदर अस्पताल का अचानक औचक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य मंत्री के अचानक आधी रात को अस्पताल पहुंचने की खबर से पूरे अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। इस दौरे के दौरान अस्पताल की कई गंभीर कमियां और वहां सक्रिय दलालों का काला खेल उजागर हुआ है।

निजी अस्पतालों में मरीजों को भेजने का खेल

सदर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान वहां भर्ती एक मरीज के परिजन ने स्वास्थ्य मंत्री के सामने गंभीर आरोप लगाए। परिजन ने मंत्री को बताया कि अस्पताल में सक्रिय कुछ लोग मरीजों को बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पतालों में रेफर कराने का दबाव बनाते हैं। पीड़ित परिवार के अनुसार, एक व्यक्ति जो डॉक्टर या दलाल हो सकता है, उसने उन्हें सरकारी अस्पताल के बजाय किसी प्राइवेट अस्पताल में जाने की सलाह दी।

परिजनों ने बताया कि मरीज बुरी तरह झुलस गया था और डॉक्टरों ने उसे मुजफ्फरपुर के एक प्राइवेट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया था। मरीज की हालत बेहद नाजुक थी और परिजनों को आशंका थी कि मुजफ्फरपुर ले जाने के रास्ते में ही मरीज दम तोड़ सकता है। इसी नाजुक स्थिति का फायदा उठाकर वहां मौजूद कथित दलाल ने उन्हें निजी अस्पताल ले जाने की पट्टी पढ़ाई।

स्वास्थ्य मंत्री ने मौके पर ही लिया एक्शन

मरीज के परिजनों की इस दर्दनाक कहानी को सुनकर स्वास्थ्य मंत्री ने बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत पीड़ित मरीज के परिजनों का मोबाइल नंबर लिया। इसके बाद उन्होंने सदर अस्पताल के डॉक्टरों को सख्त हिदायत दी कि इस गंभीर मरीज को रातभर यहीं रखा जाए और उसका पूरा इलाज किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सुबह होने के बाद ही मरीज को मुजफ्फरपुर भेजा जाए ताकि रास्ते में उसकी जान को कोई खतरा न हो।

हर विभाग का बारीकी से निरीक्षण

सदर अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री ने केवल ऊपरी तौर पर औचक निरीक्षण नहीं किया, बल्कि वे इमरजेंसी वार्ड से लेकर अस्पताल के हर छोटे-बड़े विभाग में गए। उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं को देखा और दवाओं की उपलब्धता की भी जांच की। इस दौरान मंत्री ने वार्ड में भर्ती मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों से बातचीत की और उनसे मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं का फीडबैक भी लिया।

रेफरल रैकेट और दलालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी अस्पतालों में रेफर करने वाले संदिग्ध नेटवर्क पर नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों को इस रैकेट की जांच करने और इसमें शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस औचक निरीक्षण के बाद न केवल सीतामढ़ी बल्कि आसपास के जिलों के सरकारी अस्पतालों के प्रशासन में भी खलबली मच गई है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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