मिडिल ईस्ट संकट से कांपा पाकिस्तान, इस्लामाबाद में रात के कारोबार पर लगी पाबंदी विश्व 13 घंटे पहले 3
मध्य-पूर्व के तनाव और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बाजार, मॉल और रेस्टोरेंट को तय समय पर बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। ईरान द्वारा अमेरिका से बातचीत रोकने की घोषणा के बाद ऊर्जा संकट और गहराने की आशंका है।

मध्य-पूर्व में जारी टकराव ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ईंधन की लगातार चढ़ती लागत के बीच यह पड़ोसी मुल्क अब ऊर्जा की खपत घटाने में जुट गया है। इसी कोशिश के तहत राजधानी इस्लामाबाद में शॉपिंग मॉल से लेकर रेस्टोरेंट तक को तय समय पर बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।

किसे कब बंद करना होगा

नए आदेश के मुताबिक बाजारों, दुकानों और शॉपिंग मॉल को अब रात 8 बजे तक बंद करना अनिवार्य कर दिया गया है। वहीं रेस्टोरेंट, बेकरियां, किराना दुकानें और खाने-पीने के सामान के आउटलेट रात 10 बजे तक खुले रह सकते हैं। प्रशासन ने इन नियमों को सख्ती से लागू करने को कहा है।

अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि मैरिज हॉल, मार्की और दूसरे कार्यक्रम स्थलों को भी रात 10 बजे तक बंद करना होगा।

इन्हें मिली छूट

अस्पतालों, फार्मेसियों, पेट्रोल पंपों, डेयरी की दुकानों, कॉल सेंटरों और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को सेवा देने वाली आईटी फर्मों को इन पाबंदियों से बाहर रखा गया है, यानी इन्हें छूट दी गई है।

यह आदेश डिप्टी कमिश्नर इरफान मेमन के नेतृत्व में जारी किया गया है। इस्लामाबाद जिला प्रशासन ने एक्स (X) पर एक पोस्ट में कहा कि चल रहे किफायती उपायों के तहत अलग-अलग कारोबार के लिए अलग-अलग कामकाजी घंटे तय किए गए हैं।

सोमवार को ईरान का बड़ा ऐलान

ईरान ने सोमवार को घोषणा की थी कि वह अमेरिका के साथ हर तरह की बातचीत रोक रहा है। ईरान का कहना है कि जब तक इजराइल दक्षिणी लेबनान में अपने सैन्य हमले नहीं रोकता, तब तक वह अमेरिका से वार्ता शुरू नहीं करेगा।

इसके चलते होर्मुज के खुलने में भी देरी हो सकती है। जानकारों का मानना है कि अगर विवाद और बढ़ा तो ईरान होर्मुज के बाद बाब अल-मंडेब स्ट्रेट में भी अड़चन पैदा कर सकता है। ऐसी स्थिति में दुनिया भर में तेल और गैस की किल्लत और गहरा सकती है।

एशिया पर बढ़ता दबाव

मध्य-पूर्व के संघर्ष के कारण होर्मुज से होने वाली आपूर्ति बाधित हुई है, जो दुनिया के सबसे बड़े ट्रांजिट मार्गों में से एक माना जाता है। इस रुकावट ने ट्रांसपोर्ट लागत को बढ़ा दिया है, जिससे पूरे एशिया में ऊर्जा आयात करने वाले देशों पर दबाव बढ़ गया है।

पाकिस्तान भी ईंधन के आयात पर बहुत अधिक निर्भर है। वैश्विक ऊर्जा कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के बीच आम लोग खासे परेशान हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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