राष्ट्रीय राजनीति
एक दिन पहले
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लंदन कोर्ट का बड़ा फैसला
भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। लंदन हाईकोर्ट के जज ने मंगलवार को बैंक ऑफ इंडिया के पक्ष में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस कानूनी लड़ाई में बैंक ने नीरव मोदी के खिलाफ 100 करोड़ रुपये से अधिक का केस जीत लिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि हीरा कारोबारी पर सार्वजनिक क्षेत्र के इस बैंक का 10.7 मिलियन डॉलर बकाया है।
जज ने क्या कहा
लंदन सर्किट कमर्शियल कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज साइमन टिंकलर ने कहा कि नीरव मोदी बैंक को दी गई पर्सनल गारंटी के तहत 4.1 मिलियन डॉलर (लगभग 38.9 करोड़ रुपये) की मूल राशि चुकाने के लिए जवाबदेह हैं। अदालत के आदेशानुसार, इस राशि में बैंक द्वारा निर्धारित आधार पर ब्याज भी जोड़ा जाएगा। जज ने यह भी टिप्पणी की कि नीरव मोदी की ओर से ऐसा कोई ठोस बचाव प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि बैंक इस बकाया राशि का हकदार नहीं है।
क्या है पूरा मामला
यह विवाद साल 2012 से जुड़ा है, जब बैंक ऑफ इंडिया ने दुबई स्थित नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार डायमंड FZE को कर्ज दिया था। अगस्त 2013 में नीरव मोदी ने इसके लिए पर्सनल गारंटी दी थी। साल 2018 में जब पंजाब नेशनल बैंक में हुई धोखाधड़ी का मामला सामने आया, तो बैंक ऑफ इंडिया ने अपना कर्ज वापस मांगने की प्रक्रिया शुरू की। नीरव मोदी ने इन दावों को चुनौती दी थी और तर्क दिया था कि गारंटी लागू करने योग्य नहीं थी और उन्हें बैंक से कोई वैध नोटिस नहीं मिला था। हालांकि, कोर्ट ने उनके तर्कों को खारिज कर दिया। वर्तमान में नीरव मोदी भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ लंदन की जेल में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं।
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