धर्म
एक घंटा पहले
2
2
विचारों
विचारों
मान्यता है कि राधा रानी के 32 नामों का सच्चे मन से स्मरण करने पर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। जानिए ये 32 नाम और इनके जाप की सही विधि।
राधा रानी के 32 नामों की महिमा अनूठी मानी गई है। कहा जाता है कि जो भक्त इन नामों को पूरी श्रद्धा और सच्चे हृदय से याद करता है, उसके जीवन में सुख-शांति और समृद्धि की कभी कमी नहीं रहती। मान्यता है कि इन नामों का नियमित जाप व्यक्ति के सोए हुए भाग्य तक को जगाने की शक्ति रखता है। हालांकि इस जाप से जुड़े कुछ नियम भी हैं, जिनका पालन करना आवश्यक माना गया है। आइए जानते हैं राधा रानी के ये 32 नाम और उनका महत्व।
राधा रानी के 32 नामों की सूची
- मृदुल भाषिणी राधा ! राधा !!
- सौंदर्य राषिणी राधा ! राधा !!
- परम् पुनीता राधा ! राधा !!
- नित्य नवनीता राधा ! राधा !!
- रास विलासिनी राधा ! राधा !!
- दिव्य सुवासिनी राधा ! राधा !!
- नवल किशोरी राधा ! राधा !!
- अति ही भोरी राधा ! राधा !!
- कंचनवर्णी राधा ! राधा !!
- नित्य सुखकरणी राधा ! राधा !!
- सुभग भामिनी राधा ! राधा !!
- जगत स्वामिनी राधा ! राधा !!
- कृष्ण आनन्दिनी राधा ! राधा !!
- आनंद कन्दिनी राधा ! राधा !!
- प्रेम मूर्ति राधा ! राधा !!
- रस आपूर्ति राधा ! राधा !!
- नवल ब्रजेश्वरी राधा ! राधा !!
- नित्य रासेश्वरी राधा ! राधा !!
- कोमल अंगिनी राधा ! राधा !!
- कृष्ण संगिनी राधा ! राधा !!
- कृपा वर्षिणी राधा ! राधा !!
- परम् हर्षिणी राधा ! राधा !!
- सिंधु स्वरूपा राधा ! राधा !!
- परम् अनूपा राधा ! राधा !!
- परम् हितकारी राधा ! राधा !!
- कृष्ण सुखकारी राधा ! राधा !!
- निकुंज स्वामिनी राधा ! राधा !!
- नवल भामिनी राधा ! राधा !!
- रास रासेश्वरी राधा ! राधा !!
- स्वयं परमेश्वरी राधा ! राधा !!
- सकल गुणीता राधा ! राधा !!
- रसिकिनी पुनीता राधा ! राधा !!
राधा रानी के 32 नामों के जाप की विधि
- इन नामों का जाप ब्रह्म मुहूर्त के समय करना सबसे शुभ और फलदायी माना जाता है।
- जाप करते समय आपका मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।
- हमेशा कुशा या ऊन के स्वच्छ आसन पर बैठकर ही जाप करें।
- जाप शुरू करने से पहले राधा-कृष्ण की प्रतिमा के सामने घी का दीपक अवश्य प्रज्वलित करें।
- नामों का उच्चारण स्पष्ट और शुद्ध रूप में करना चाहिए।
- जाप के लिए तुलसी की माला का प्रयोग सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
Comments
0 comment