तीन रेलवे कंपनियों पर सरकार का बड़ा भरोसा, निवेश से पहले समझ लें ये अहम पहलू व्यापार एक घंटा पहले 2
रेलवे के आधुनिकीकरण पर सरकार के लगातार खर्च का सीधा फायदा रेलटेल कॉर्पोरेशन, टेक्समैको रेल और आईआरसीटीसी को मिल रहा है। जानिए इन कंपनियों की कमाई, ऑर्डर बुक और आगे की संभावनाओं के बारे में।

भारतीय रेलवे को नए सिरे से आधुनिक बनाने के लिए सरकार जमकर पैसा लगा रही है। इस कायाकल्प का सीधा लाभ शेयर बाजार में सूचीबद्ध तीन प्रमुख कंपनियों- रेलटेल कॉर्पोरेशन (RailTel Corporation), टेक्समैको रेल (Texmaco Rail) और आईआरसीटीसी (IRCTC) को पहुंच रहा है। कवच जैसी सुरक्षा प्रणाली, नए डेटा सेंटर और विदेशों से मिल रहे बड़े ऑर्डर के बूते इन कंपनियों का मुनाफा तेजी से बढ़ रहा है। सवाल यह है कि क्या आपको भी इस उछाल का फायदा उठाते हुए रेलवे शेयरों में पैसा लगाना चाहिए?

रेलवे क्यों है बाजार की पसंद

रेलवे को भारत की लाइफलाइन कहा जाता है और यही वजह है कि शेयर बाजार में आजकल इस क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों की चर्चा खूब हो रही है। अगर आप निवेश में दिलचस्पी रखते हैं तो इस सेक्टर की हलचल पर नजर बनाए रखना फायदेमंद है। सिर्फ यात्रियों को ही नहीं, बल्कि कोयला, सीमेंट, स्टील और अनाज जैसी जरूरी वस्तुओं को देश के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचाने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी भारतीय रेलवे पर ही है। सरकार जिस तरह रेलवे को पूरी तरह बदलने में जुटी है, उससे इस क्षेत्र की कंपनियों को लगातार नए ऑर्डर मिल रहे हैं। बीते तीन वर्षों में रेलवे की तीन कंपनियों ने कमाई के मोर्चे पर सबको चौंका दिया है और मल्टीबैगर साबित हुई हैं।

रेलटेल कॉर्पोरेशन का डिजिटल दबदबा

रेलटेल कॉर्पोरेशन भारतीय रेलवे की एक सरकारी कंपनी है, जिसका मुख्य काम स्टेशनों और ट्रेनों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ना है। देश के करीब 6,000 रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाली इंटरनेट, वाई-फाई और डेटा नेटवर्क सुविधाओं की जिम्मेदारी इसी कंपनी के पास है। पिछले तीन साल में कंपनी की कुल आय सालाना 30% की रफ्तार से बढ़ी है, जबकि इसका मुनाफा भी हर साल 24% की दर से आगे बढ़ा है। तीन साल पहले जिन निवेशकों ने इसके शेयर खरीदे थे, उन्हें हर साल औसतन 39% का जोरदार रिटर्न मिला है।

कंपनी की सबसे बड़ी मजबूती इसकी दमदार ऑर्डर बुक है, यानी उसके पास आने वाले समय के लिए ढेरों काम पहले से तय हैं। मार्च 2025 में कंपनी के पास 4,602 करोड़ रुपये के ऑर्डर थे, जो अप्रैल 2026 तक बढ़कर 6,346 करोड़ रुपये पर पहुंच गए। प्रबंधन का अनुमान है कि मार्च 2027 के अंत तक यह आंकड़ा 8,500 करोड़ रुपये को भी पार कर जाएगा। साल 2026 की आखिरी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 46% की छलांग के साथ 113 करोड़ रुपये रहा।

अब रेलटेल खुद को सिर्फ रेलवे तक सीमित नहीं रखना चाहती। कंपनी डेटा सेंटर के कारोबार में तेजी से कदम बढ़ा रही है। मानेसर में इसका एक बड़ा सेंटर शुरू हो चुका है और मुंबई जैसे बड़े शहरों में भी नए सेंटर बनाने की तैयारी चल रही है।

टेक्समैको रेल का नया रूप

टेक्समैको रेल एंड इंजीनियरिंग एक निजी कंपनी है, जो वर्षों से रेलवे के डिब्बे (वैगन) और भारी पुल बनाने का काम कर रही है। बीते तीन साल में इस कंपनी ने मुनाफे के मामले में रिकॉर्ड कायम किया है और इसका नेट प्रॉफिट सालाना 97% की रफ्तार से बढ़ा है। साल 2026 की आखिरी तिमाही में कंपनी की बिक्री में मामूली गिरावट जरूर आई, लेकिन इसके बावजूद इसका शुद्ध मुनाफा 46% बढ़कर 58 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। पूरे साल में कंपनी ने कुल 194 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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