डॉक्टरी का पेशा छोड़ राजनीति में उतरे डॉ. डोविल ठाकुर, अब करेंगे खारसी पंचायत का 'इलाज' हिमाचल प्रदेश 2 घंटे पहले 3
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की खारसी पंचायत में बीएएमएस डॉक्टर डोविल ठाकुर ने अपनी प्रैक्टिस छोड़कर पंचायत चुनाव में 216 मतों के अंतर से जीत दर्ज की और प्रधान बने। अब उन्होंने गांव के सर्वांगीण विकास के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने को प्राथमिकता बताया है।

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की खारसी पंचायत से एक अनूठा उदाहरण सामने आया है। यहां बीएएमएस की डिग्री रखने वाले डॉक्टर डोविल ठाकुर ने अपनी चिकित्सा प्रैक्टिस को अलविदा कहकर जनप्रतिनिधि बनने का रास्ता चुना और पंचायत चुनाव में जीत हासिल कर प्रधान का पद संभाला। उन्होंने 216 वोटों के अंतर से यह जीत दर्ज की और अब गांव के समग्र विकास के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना अपना मुख्य लक्ष्य बताया है।

मरीज़ों का नहीं, अब पंचायत का करेंगे 'ट्रीटमेंट'

इस बार के पंचायत चुनावों में कई ऐसे चेहरे चुनकर सामने आए हैं, जिन्होंने अपने-अपने इलाकों में खास पहचान बनाई है। इन्हीं में एक ऐसे प्रतिनिधि भी हैं, जिन्होंने अपनी पंचायत की सेहत सुधारने के इरादे से डॉक्टरी का पेशा ही छोड़ दिया। मंडी जिले के गोहर उपमंडल के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत खारसी के प्रधान बने 38 वर्षीय डोविल ठाकुर पेशे से चिकित्सक हैं।

वर्ष 2011 में बीएएमएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे करीब 15 वर्षों से गुटकर स्थित श्री हरिहर अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे थे। इस बार उन्होंने पंचायत चुनाव लड़ने का फैसला किया और 216 मतों के शानदार अंतर से विजय प्राप्त की। चुनावी मैदान में कुल 5 प्रत्याशी थे। डॉ. डोविल को 416 वोट मिले, जबकि दूसरे स्थान पर रहे प्रत्याशी के खाते में 200 मत आए।

सिर से उठ चुका माता-पिता का साया, दादी ने संभाली परवरिश

डॉ. डोविल ठाकुर के पिता का निधन वर्ष 1999 में हो गया था, वहीं वर्ष 2007 में उनकी माता का भी देहांत हो गया। ऐसे कठिन समय में उनकी दादी हसनू देवी ने डोविल और उनकी अन्य पोतियों का पालन-पोषण किया और उन्हें पढ़ाया-लिखाया। डोविल ठाकुर की चार बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। फिलहाल वे अपनी 92 वर्षीय दादी के साथ रहते हैं।

सर्वांगीण विकास के साथ स्वास्थ्य सेवाओं पर रहेगा जोर

डॉ. डोविल ठाकुर ने बताया कि उनका प्रमुख उद्देश्य ग्राम पंचायत खारसी का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। पंचायत के छोटे-बड़े सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि खासतौर पर पंचायत में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर अधिक ध्यान देने की कोशिश रहेगी, फिर चाहे बात इंसानों की सेहत की हो या पशुओं की।

इसके लिए डिस्पेंसरी और पशु चिकित्सालय जैसे संस्थानों को खुलवाने तथा उनके स्तर को बेहतर बनाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। डॉ. डोविल ने यह भी कहा कि यदि आपातकालीन स्थिति में श्री हरिहर अस्पताल को उनकी सेवाओं की आवश्यकता होगी, तो वे अपनी इस जिम्मेदारी को निभाने में भी पूरी तरह तत्पर रहेंगे।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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