जेल जाने का सिलसिला जारी! फर्जी पासपोर्ट केस में तिहाड़ की हवा खा चुका लवकेश बजाज अब मालवीय नगर होटल हादसे में गिरफ्तार दिल्ली एक घंटा पहले 3
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश होटल में लगी आग के मामले में गिरफ्तार होटल मालिक लवकेश बजाज का पुराना आपराधिक इतिहास सामने आया है। पिछले साल फर्जी पासपोर्ट के एक मामले में वह करीब 15 दिन तिहाड़ जेल में बिता चुका है।

दिल्ली के मालवीय नगर होटल अग्निकांड की पड़ताल में हर दिन नई और चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। ताजा खुलासे में फ्लोरिश होटल के मालिक लवकेश बजाज का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड उजागर हुआ है। इस अग्निकांड में गिरफ्तार किए गए बजाज को दिल्ली पुलिस पिछले साल भी एक फर्जी पासपोर्ट मामले में पकड़ चुकी है। बताया गया है कि वह मामला बांग्लादेशी नागरिकों को फर्जी भारतीय दस्तावेज और पासपोर्ट मुहैया कराने से जुड़ा हुआ था।

पहले भी तिहाड़ में काट चुका है 15 दिन

पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह मामला जनवरी 2025 में दर्ज किया गया था। जांच के दौरान जब लवकेश बजाज की कथित संलिप्तता सामने आई तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद बजाज करीब 15 दिन तिहाड़ जेल में रहा और फिर उसे जमानत पर रिहाई मिल गई। फर्जी पासपोर्ट से जुड़े इस मामले की सुनवाई फिलहाल अदालत में चल रही है।

मौजूदा अग्निकांड मामले में पुलिस अब होटल के अकाउंटेंट जय मिश्रा और मैनेजर राकेश की तलाश में जुटी है। जय मिश्रा दिल्ली के छतरपुर का निवासी बताया जा रहा है, लेकिन घटना के बाद से वह फरार है। इसके अलावा मैनेजर राकेश समेत होटल के अन्य कर्मचारियों के बारे में भी पुलिस लगातार जानकारी इकट्ठा कर रही है।

हादसे के तुरंत बाद मौके से भाग निकला था मालिक

जैसे-जैसे इस मामले की जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए तथ्य उजागर हो रहे हैं। जांच में पता चला है कि होटल की छत पर बना कमरा बाहर से बंद कर दिया गया था, जिसके कारण लोग छत की ओर जाने के बजाय खिड़कियों से बाहर कूदने को मजबूर हो गए। वहीं, घटना होते ही होटल मालिक लवकेश बजाज भी मौके से फरार हो गया था। इस बीच साकेत कोर्ट ने आरोपी बजाज को 4 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है, जहां अग्निकांड को लेकर उससे पूछताछ की जाएगी।

डर के मारे सड़कों पर भटकता रहा आरोपी

दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में सामने आया है कि हादसे के तुरंत बाद लवकेश बजाज घबराकर मौके से भाग खड़ा हुआ। डर के कारण वह अपने घर तक नहीं गया और काफी देर तक सड़कों पर ही इधर-उधर घूमता रहा। पूछताछ में बजाज ने बताया कि उसने यह इमारत 3 साल पहले अहलूवालिया नाम की एक पार्टी से ली थी और इसमें होटल कम गेस्ट हाउस चला रहा था। उसने यह भी बताया कि पहले यहां खादी की दुकान हुआ करती थी और जब उसने यह इमारत ली थी, उस समय यह काफी जर्जर हालत में थी।

ज्यादा मुनाफे के चक्कर में बढ़ाए कमरे

पूछताछ के दौरान लवकेश बजाज ने पुलिस को बताया कि उसके पास इतना वक्त नहीं था कि वह खुद होटल की देखरेख कर सके, इसी वजह से उसने होटल के सारे कामकाज के लिए स्टाफ रखा हुआ था। इसके साथ ही बजाज ने यह भी कबूल किया कि कमाई अच्छी होने के चलते उसने होटल में कमरों की संख्या बढ़ा दी थी, क्योंकि उसका मानना था कि दिल्ली में सब चलता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!