गैस सिलेंडर पर मिल सकते हैं हजारों रुपये वापस! 90% LPG ग्राहक नहीं जानते यह नियम व्यापार एक घंटा पहले 2
गैस कनेक्शन लेते समय जमा कराई गई सिक्योरिटी राशि कनेक्शन सरेंडर करने पर रिफंड के रूप में वापस मिलती है। जानिए इसकी पूरी प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और बैंक खाते में रकम पाने का तरीका।

देश के करोड़ों एलपीजी उपभोक्ता आज भी इस बात से अनजान हैं कि गैस कनेक्शन लेते समय उन्होंने जो सिक्योरिटी राशि जमा कराई थी, वह दरअसल उनकी ही जमा पूंजी है। ज्यादातर लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि कनेक्शन बंद कराने और सिलेंडर व रेगुलेटर लौटाने पर यही रकम रिफंड के रूप में वापस पाई जा सकती है। नतीजतन हजारों रुपये बरसों तक गैस कंपनियों के पास यूं ही पड़े रह जाते हैं।

किन कंपनियों पर लागू होता है यह नियम

यह व्यवस्था किसी एक कंपनी तक सीमित नहीं है। इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस समेत देश की सभी प्रमुख गैस कंपनियों में सिक्योरिटी राशि लौटाने का नियम लागू है। यानी आप चाहे जिस भी कंपनी के उपभोक्ता हों, कनेक्शन सरेंडर करते समय जमा राशि वापस पाने का अधिकार आपके पास है।

दस्तावेज खो जाने पर भी मिलेगा रिफंड

कई उपभोक्ता इस आशंका में रिफंड के लिए आगे नहीं बढ़ते कि उनके पास पुराने कागजात मौजूद नहीं हैं। ऐसे लोगों के लिए राहत की बात यह है कि दस्तावेज गुम हो जाने की स्थिति में भी रिकॉर्ड के सत्यापन के जरिए जमा राशि लौटाई जा सकती है। कंपनी अपने रिकॉर्ड से कनेक्शन की पुष्टि कर रिफंड की प्रक्रिया पूरी करती है।

सरेंडर की प्रक्रिया और बैंक खाते में रकम

कनेक्शन सरेंडर करने के लिए उपभोक्ता को सिलेंडर और रेगुलेटर वितरक के पास जमा कराने होते हैं। इसके बाद तय प्रक्रिया के तहत जमा सिक्योरिटी राशि सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में भेज दी जाती है। इसी कारण जरूरी है कि उपभोक्ता गैस कनेक्शन सरेंडर करने की पूरी प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और रिफंड की व्यवस्था को ठीक से समझ लें ताकि उनका हक उन्हें मिल सके।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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