KSBKBT 2: तुलसी की दुनिया में मचेगी हलचल, पोते रेयांश के आगे जोड़ेगी हाथ, शांति निकेतन पर मंडराया संकट मनोरंजन एक घंटा पहले 2
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' के आगामी एपिसोड में तुलसी अपने पोते रेयांश से माफी मांगती नजर आएगी, जबकि रेयांश अपने पिता अंश की मौत का बदला लेने की तैयारी में है।

स्टार प्लस का चर्चित शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' एक बड़े और चौंका देने वाले मोड़ की ओर बढ़ रहा है। आने वाले एपिसोड में ऐसा धमाका होने वाला है, जिसके बाद शांति निकेतन का सुकून पूरी तरह बिखर जाएगा। कहानी में दर्शकों को हैरान कर देने वाला घटनाक्रम देखने को मिलेगा, जहां तुलसी पूरे परिवार के सामने अपने पोते रेयांश से माफी मांगती है और उसे जाने से रोकने की कोशिश करती है।

तुलसी का भरोसा और रेयांश की रहस्यमयी हंसी

तुलसी को अपने पोते रेयांश पर पूरा यकीन है, लेकिन उसके चेहरे पर तैरती रहस्यमयी मुस्कान कुछ और ही इशारा करती है। सवाल यह है कि क्या रेयांश वाकई एक परिवार की तलाश में है, या फिर वह शांति निकेतन को जंग का अखाड़ा बनाने की योजना बना रहा है? गिरती टीआरपी को देखते हुए मेकर्स ने कहानी में एक बड़ा बदलाव किया है, जो दर्शकों को हैरान कर देगा। अंश की मौत के चलते मिहिर के परिवार की सारी खुशियां पल भर में बिखरती नजर आएंगी।

तुलसी का फैसला विरानी परिवार पर भारी

शो एक हैरान करने वाले नए मोड़ के लिए तैयार है, क्योंकि रेयांश के गलत मंसूबे जल्द ही सबके सामने आने वाले हैं। यह सब उसी वक्त होगा, जब तुलसी यह मान बैठी है कि अपने पोते को शांति निकेतन में जगह देकर वह बिल्कुल सही कदम उठा रही है। ऐसे में तुलसी का यही एक फैसला पूरे विरानी परिवार को मुसीबत में डाल सकता है।

हाथ जोड़कर मांगेगी माफी

प्रोमो की शुरुआत रेयांश के इस ऐलान से होती है कि वह घर छोड़कर जा रहा है। उसकी यह बात सुनकर हर कोई हैरान रह जाता है, खासकर तुलसी। मिहिर और तुलसी को इस बात का पता चल चुका है कि रेयांश दरअसल अंश का बेटा है। अपने पोते को सामने देखकर तुलसी भावुक हो जाती है और उसे अपने पास रखने के लिए हाथ जोड़कर विनती करती है। वह अपने परिवार के एक और सदस्य को खोने का खयाल तक बर्दाश्त नहीं कर पाती, और इसी मजबूरी में उसे अपने पोते से माफी मांगनी पड़ती है।

पिता की मौत का बदला लेने पर अड़ा रेयांश

तुलसी रेयांश को रोकती है और उसे याद दिलाती है कि वह अंश का अपना खून है। भावुक होकर वह कहती है कि इतने बरसों बाद आखिरकार उसे अपना पोता मिला है। तुलसी यह भी कहती है कि वह बीते दिनों के दर्द को मिटा तो नहीं सकती, लेकिन वादा करती है कि अब वह कभी उसकी सच्चाई या उसके इरादों पर सवाल नहीं उठाएगी। उसके शब्दों में वह पछतावा साफ झलकता है, जो उसे अंश के साथ हुई हर बात की याद दिलाता है। हालांकि रेयांश का दिल नहीं पिघलता और वह अपने पिता अंश की मौत का बदला लेने की ठान लेता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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