बिहार
एक घंटा पहले
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विचारों
खेती में आधुनिकता का प्रतीक
भारत में कृषि हमेशा से ही आजीविका का सबसे मजबूत आधार रही है। बीते दौर में जब तकनीक का अभाव था, तब किसान पूरी तरह से बैलों और शारीरिक मेहनत पर निर्भर रहते थे। हालांकि, समय के साथ बदलाव आया और कृषि कार्यों में मशीनीकरण का दौर शुरू हुआ। आज के समय में ट्रैक्टर खेती का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है, जिसके बिना आधुनिक खेती की कल्पना करना भी मुश्किल है।
साढ़े तीन दशक पुराना साथी
जहानाबाद के एक किसान की कहानी प्रेरणादायक है, जिन्होंने करीब 35 साल पहले अपना ट्रैक्टर खरीदा था। साल 1991 में किसान चंद्र शेख ने 2 लाख रुपये की लागत से HMT ट्रैक्टर को अपनी आजीविका का जरिया बनाया था। उस दौर में यह निवेश एक बड़े बदलाव की शुरुआत था।
आज भी है भरोसेमंद
सबसे हैरानी की बात यह है कि 35 साल बीत जाने के बाद भी यह ट्रैक्टर आज भी पूरी तरह से सही सलामत स्थिति में है। आमतौर पर मशीनों की उम्र सीमित होती है, लेकिन उचित रखरखाव के चलते चंद्र शेख का यह HMT ट्रैक्टर आज भी खेत के काम में उनका साथ निभा रहा है। यह उदाहरण दिखाता है कि अगर मशीनों का सही ढंग से ध्यान रखा जाए, तो वे लंबे समय तक उपयोगी बनी रहती हैं।
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