जयपुर का मेहंदी चौक: डेढ़ सौ साल पुरानी विरासत और सोजत की खुशबूदार मेहंदी की अनोखी दास्तान राजस्थान 3 महीने पहले 44
जयपुर की चारदीवारी में बसा मेहंदी चौक करीब 150 साल से अपनी अलग पहचान कायम रखे हुए है, जहां सोजत से मंगाई गई शुद्ध प्राकृतिक मेहंदी तीसरी पीढ़ी की देखरेख में तैयार होती है।

गुलाबी नगरी जयपुर की चारदीवारी के भीतर बसा मेहंदी चौक अपने नाम और काम दोनों के लिए जाना जाता है। करीब 150 वर्षों से यह जगह अपनी खास पहचान को संजोए हुए है और आज भी मेहंदी प्रेमियों के लिए एक खास ठिकाना बनी हुई है।

नाम के पीछे की कहानी

इस इलाके में स्थित दीपक मेहंदी भंडार की लोकप्रियता इतनी अधिक रही कि धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र को ही लोग मेहंदी चौक के नाम से पुकारने लगे। दुकान की साख ने एक तरह से पूरे चौक को अपनी पहचान दे दी।

तीसरी पीढ़ी संभाल रही विरासत

यह पुश्तैनी कारोबार अब परिवार की तीसरी पीढ़ी के हाथों में है, जो इस परंपरा को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रही है। दशकों से चले आ रहे इस काम में आज भी वही पुरानी गुणवत्ता और भरोसा बरकरार है।

सोजत से आती है शुद्ध मेहंदी

दुकान पर सोजत से मंगवाई गई प्राकृतिक मेहंदी तैयार की जाती है। खास बात यह है कि इसमें किसी तरह का कोई रसायन नहीं मिलाया जाता, जिससे इसका रंग और खुशबू दोनों ही प्राकृतिक बने रहते हैं।

क्या है कीमत

यहां एक किलो मेहंदी की कीमत करीब 800 रुपये है। इसके साथ ही ग्राहकों की सुविधा के लिए तैयार मेहंदी कोन भी रखा जाता है, जो 15 रुपये में उपलब्ध रहता है।

त्योहारों पर उमड़ती है भीड़

तीज, गणगौर, करवा चौथ और शादी-विवाह के मौसम में इस दुकान पर ग्राहकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। स्थानीय लोग ही नहीं, बल्कि विदेशी पर्यटक भी यहां की मेहंदी को बेहद पसंद करते हैं और इसे खरीदने पहुंचते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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