जयपुर में रसोई गैस सिलेंडर फिर महंगा, 29 रुपये बढ़ने के बाद लागू हुई नई दरें राजस्थान 3 महीने पहले 54
जयपुर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिसके बाद 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर का दाम बढ़कर 945 रुपये 50 पैसे हो गया है। नई दरें तुरंत प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

महंगाई से जूझ रही आम जनता को जून के महीने में एक और बड़ा झटका लगा है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में घरेलू रसोई गैस की कीमतों में फिर इजाफा कर दिया गया है। तेल कंपनियों ने देर रात की गई घोषणा में जयपुर में घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम 29 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़ा दिए हैं। इस बढ़ोतरी के साथ अब शहर में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू सिलेंडर 945 रुपये 50 पैसे का हो गया है।

बढ़ी हुई कीमतें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं, जिसके चलते मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों का रसोई बजट एक बार फिर गड़बड़ा गया है। महंगाई की इस मार से लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

मार्च के बाद जून में दूसरा झटका

इससे पहले तेल कंपनियों ने 1 मार्च को घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में 60 रुपये की भारी बढ़ोतरी की थी। उस वृद्धि के बाद उपभोक्ताओं को उम्मीद थी कि आगे कीमतें स्थिर रहेंगी या उनमें कुछ राहत मिलेगी। लेकिन तीन महीने बीतते ही कंपनियों ने देर रात एक बार फिर 29 रुपये का अतिरिक्त बोझ जनता पर डाल दिया।

लगातार चढ़ते दामों के कारण गृहणियों में गहरी नाराजगी है, क्योंकि साल की छमाही बीतते-बीतते रसोई गैस आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही है।

घरेलू उपभोक्ताओं पर सीधी मार

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और गैस की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव के चलते सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (OMCs) ने यह कदम उठाया है। पिछले कुछ समय से केवल कमर्शियल सिलेंडरों के दामों में बदलाव देखा जा रहा था, लेकिन अब घरेलू गैस के दाम बढ़ाकर आम उपभोक्ताओं को सीधे प्रभावित किया गया है।

जयपुर के स्थानीय निवासियों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की ऊंची कीमतों के बीच रसोई गैस का इस तरह महंगा होना उनके मासिक बजट को पूरी तरह बिगाड़ रहा है।

आधी रात की घोषणा से हैरानी

तेल कंपनियां आमतौर पर महीने की पहली तारीख को कीमतों में बदलाव करती हैं, लेकिन इस बार आधी रात को अचानक की गई घोषणा ने सभी को चौंका दिया। गैस एजेंसियों को देर रात ही नए रेट कार्ड भेज दिए गए, जिसके बाद सुबह से ही डिलीवरी लेने वाले उपभोक्ताओं से नई दर के अनुसार 945.50 रुपये वसूले जा रहे हैं।

इस मुद्दे पर विपक्ष ने भी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार को घरेलू एलपीजी पर मिलने वाली सब्सिडी को दोबारा सुचारू करना चाहिए, ताकि जून की इस तपती गर्मी में आम आदमी को कुछ राहत मिल सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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