राजभर समाज की हत्याओं पर ओपी राजभर का अखिलेश पर वार, गिनाए एक-एक मामले, पीडीए पर साधा निशाना उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
सुभासपा प्रमुख और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने ट्वीट के जरिए सपा मुखिया अखिलेश यादव को घेरते हुए राजभर समाज के लोगों की हत्या के कई मामले गिनाए और उनके पीडीए फॉर्मूले पर तीखा हमला बोला।

सुभासपा प्रमुख और योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर इन दिनों समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ अकेले ही मोर्चा संभाले हुए हैं। शायद ही कोई दिन ऐसा बीतता हो जब वह ट्वीट कर सपा और अखिलेश यादव पर हमला न बोलते हों। इसी सिलसिले में उन्होंने एक नया ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने राजभर समाज के उन लोगों की हत्याओं का ब्योरा रखा है, जिनके आरोपी यादव समाज से जुड़े बताए गए हैं।

अपने ट्वीट में ओपी राजभर ने तीखे लहजे में लिखा, ‘ऐ भाई अखिलेश यादव जी, ऐसा लगता है कि आपने और आपके लोडरों ने राजभर समाज के सफाए का ठेका ही उठा लिया है? आप तो दिन-रात रट्टू तोते की तरह पीडीए-पीडीए का जाप करते रहते हैं, मगर उसी माला की आड़ में आपके लोडर राजभर समाज के लोगों का गला घोंटने में सबसे आगे हैं।’

हत्याओं का ब्योरा रखते हुए साधा निशाना

आगे उन्होंने लिखा, ‘बीपी मत बढ़ाइएगा, क्योंकि आज जो तथ्य मैं सामने रखूंगा, वह आपके पीडीए का असली रंग-रूप सबके सामने खोलकर रख देगा। पिछले एक साल में राजभर समाज के लोगों की जो हत्याएं हुई हैं, उनमें आपका वाला पीडीए (पीट देगा अहिर और पीट देगा अल्पसंख्यक) ही शामिल रहा है।’

उन्होंने मामलों का हवाला देते हुए लिखा कि 26 जनवरी 2025 को श्रावस्ती के पूरेमंशाराम में संजय राजभर की हत्या हुई, जिसमें ‘पीट देगा अहिर’ (सपाई) की भूमिका रही। वहीं 16 जनवरी 2026 को जौनपुर के खेतासराय में सुनील राजभर की हत्या हुई और जीशान पर केस दर्ज हुआ, जो उनके अनुसार ‘पीट देगा अल्पसंख्यक’ (सपाई) ही निकला।

एक के बाद एक गिनाए मामले

कई और आंकड़े पेश करते हुए ओपी राजभर ने लिखा, ‘अभी और सुनिए, 14 फरवरी 2026 को महराजगंज के श्यामदेउरवा में 15 साल के अंकुश राजभर की हत्या हुई, जिसमें पड़ोसी रामनरेश यादव और उसका परिवार शामिल रहा। यहां भी आपका पीट देगा अहिर मौजूद है। 28 मार्च 2026 को बाराबंकी के टिकैतनगर में बबलू राजभर, जो बेचारा आइसक्रीम बेचकर अपने परिवार का पेट पाल रहा था, उसे शंकर यादव ने बांके से काट डाला।’

उन्होंने आगे लिखा कि 20 अप्रैल 2026 को देवरिया के भटनी में सूरज राजभर को अशोक यादव ने मार डाला। इसके बाद 29 मई 2026 को मऊ के हलधरपुर में राजजन्म राजभर की उस समय हत्या कर दी गई, जब वह गेहूं पिसवाकर घर लौट रहे थे। इस मामले में रामबदन यादव और उसके पांच साथियों पर आरोप लगा।

‘आखिर कितना सताएगा आपका पीडीए’

अंत में ओपी राजभर ने सवाल उठाते हुए लिखा, ‘आखिर राजभर समाज के लोगों को आपका वाला पीडीए कितना सताएगा? आप अपने मन-मतलब वालों के लिए तो एसी में बैठकर खूब प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं और छाती पीटते हैं, मगर जैसे ही आपके लोडर अपराध में शामिल दिखते हैं, आपके मुंह में दही जम जाता है।’

‘और हां, घबराइए मत! आप और आपके लोडरों का एक-एक कच्चा-चिट्ठा मैं खोलता रहूंगा और यह भी बताऊंगा कि आप एसी कमरे से बाहर आखिर क्यों नहीं निकलते।’

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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