Paddy Farming की लागत कम करने का तरीका: नर्सरी में ही अपनाएं यह खास तकनीक उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 2
शाहजहांपुर के एक किसान ने Paddy Farming में कीटनाशकों का खर्च घटाने के लिए नर्सरी के स्तर पर ही प्रभावी उपाय अपनाने की सलाह दी है।

नर्सरी में ही करें रोकथाम

धान की फसल को कीटों के हमलों से बचाने के लिए किसान अक्सर बड़ी रकम कीटनाशकों पर खर्च कर देते हैं। शाहजहांपुर के किसान Ranjoad Singh ने बताया है कि अगर किसान रोपाई के बाद इंतजार करने के बजाय नर्सरी के चरण में ही सतर्क हो जाएं, तो फसल पर होने वाले हजारों रुपये के अनावश्यक खर्च को बचाया जा सकता है।

क्यों जरूरी है यह बदलाव

खेती की लागत को नियंत्रित करने के लिए यह तकनीक बेहद कारगर है क्योंकि:

  • नर्सरी का क्षेत्रफल सीमित होता है, जिससे देखभाल करना आसान हो जाता है।
  • शुरुआती चरण में पौधों की निगरानी करने से कीड़ों का प्रकोप फैलने से पहले ही रुक जाता है।
  • पौधों पर कीटनाशकों का छिड़काव कम करना पड़ता है, जिससे खेती किफायती बनती है।

Ranjoad Singh के अनुसार, धान की रोपाई के बाद अक्सर कीटों के हमले का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन नर्सरी में समय रहते सावधानी बरतने से न केवल दवाइयों का खर्च कम होता है, बल्कि फसल को बड़े नुकसान से भी बचाया जा सकता है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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