जहां पानी की किल्लत, वहीं झूम रहे काजू के पेड़, ऑर्गेनिक खेती से हो रही जबरदस्त पैदावार राजस्थान 3 महीने पहले 43
राजस्थान के सिरोही जिले में गर्म जलवायु के बावजूद ऑर्गेनिक और आधुनिक तकनीक से काजू की बंपर खेती हो रही है, जहां प्रति पेड़ 15 से 20 किलो तक उपज मिल रही है।

आमतौर पर समुद्र के किनारे बसे तटीय राज्यों में पैदा होने वाला काजू अब राजस्थान की तपती और गर्म जलवायु में भी सफलतापूर्वक उगाया जा रहा है। सिरोही जिले के आमथला स्थित ब्रह्माकुमारी संस्थान के 'तपोवन' परिसर में इस फसल की खेती ऑर्गेनिक और नई तकनीकों के सहारे की जा रही है, जिसने इस मॉडल को पूरे देश के लिए मिसाल बना दिया है।

दस साल पहले शुरू हुआ था प्रयोग

तपोवन में करीब 10 साल पहले ग्राफ्टेड पौधों के साथ काजू उगाने का प्रयोग किया गया था। शुरुआती दौर में जिस सोच के साथ यह काम शुरू हुआ, वह अब रंग ला रही है और ये पौधे हर साल भरपूर फल दे रहे हैं।

ड्रिप सिंचाई और देशी खाद का कमाल

पानी की कमी वाले इस इलाके में ड्रिप सिंचाई पद्धति को अपनाया गया है, जिससे सीमित पानी में भी बागान हरे-भरे बने हुए हैं। इसके साथ ही केमिकल से पूरी तरह मुक्त देशी खाद का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस तरीके से प्रति पेड़ 15 से 20 किलो तक काजू की पैदावार हो रही है।

देशभर से सीखने आ रहे किसान

इस खेती के अनोखे और सफल मॉडल को समझने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से किसान और कृषि अधिकारी सिरोही पहुंच रहे हैं। उनके लिए यह बागान इस बात का प्रमाण है कि उचित तकनीक और जैविक तरीकों से प्रतिकूल जलवायु में भी काजू जैसी फसल को सफल बनाया जा सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप